महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों, जिनमें पुणे नगर निगम भी शामिल है, के चुनाव 15 जनवरी को होंगे। मतगणना अगले दिन की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर से शुरू हो चुकी है और 30 दिसंबर तक चलेगी। वहीं पुणे में महायुति में सीट बंटवारे को लेकर को पेंच फंसता दिख रहा है।
पुणे नगर निगम चुनाव से पहले शिवसेना में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को शिवसेना के कई कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेता नीलम गोरहे के घर के बाहर प्रदर्शन किया। वे भाजपा की तरफ से शिवसेना को सिर्फ 15 सीटें देने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे। इससे पहले नीलम गोरहे ने मीडिया को बताया था कि शिवसेना ने पुणे में 35 सीटों की मांग की थी। उनके अनुसार, भाजपा ने पहले 12 सीटों का प्रस्ताव दिया था। बाद में उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और उद्योग मंत्री उदय सामंत से बातचीत के बाद यह प्रस्ताव बढ़ाकर 15 सीट कर दिया गया।
सिर्फ 15 सीटों पर क्यों समझौता किया गया?
लेकिन यह प्रस्ताव कई शिवसेना कार्यकर्ताओं और टिकट के दावेदारों को मंजूर नहीं था। उन्होंने गोरहे के घर के बाहर इकट्ठा होकर सवाल उठाए। एक कार्यकर्ता ने कहा, 'जब हमारी मांग 35 से 40 सीटों की थी, तो फिर सिर्फ 15 सीटों पर क्यों समझौता किया गया? पार्टी टिकट किस आधार पर बांटेगी?' कार्यकर्ताओं ने यह भी याद दिलाया कि 2017 के पुणे नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 162 में से 97 सीटें जीती थीं। एनसीपी को 39 सीटें मिली थीं, जबकि तब की अविभाजित शिवसेना को सिर्फ 10 सीटें मिली थीं।
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शिवसेना कार्यकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
एक अन्य कार्यकर्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टिकट 'व्यापारिक आधार' पर दिए जा रहे हैं। उसका कहना था कि पार्टी के फैसले सिर्फ चार लोग ले रहे हैं और आम कार्यकर्ताओं की राय नहीं सुनी जा रही। उसने आरोप लगाया कि नीलम गोरहे, शहर अध्यक्ष प्रमोद नाना भांगिरे और पुरंदर के विधायक विजय शिवतारे अपने करीबी लोगों को टिकट दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं प्रदर्शन के दौरान स्थिति को देखते हुए मॉडल कॉलोनी इलाके में गोरहे के घर के बाहर पुलिस तैनात की गई। बाद में नीलम गोरहे ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ भाजपा के प्रस्ताव की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब यह नहीं है कि शिवसेना ने 15 सीटों का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। गठबंधन और सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला एकनाथ शिंदे साहब लेंगे।' गोरहे ने बताया कि उन्होंने नाराज कार्यकर्ताओं से बात की, उनकी शिकायतें सुनीं और स्थिति समझाई। उन्होंने कहा, 'मैंने उन्हें बताया कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा। इसके बाद वे शांतिपूर्वक लौट गए।'
पूर्व एमएनएस नेता प्रकाश महाजन शिवसेना में शामिल
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के पूर्व नेता प्रकाश महाजन शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। यह घटना राज्य में नगर निगम चुनावों से ठीक दो सप्ताह पहले हुई है। महाजन, दिवंगत भाजपा नेता प्रमोद महाजन के भाई हैं। वे 2006 में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली एमएनएस की स्थापना के समय से ही इससे जुड़े रहे थे, लेकिन इस साल की शुरुआत में पार्टी नेतृत्व से मतभेदों के कारण उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा कि महाजन शिवसेना के प्रवक्ता होंगे और संगठन को मजबूत बनाने में योगदान देंगे। महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन होगी।