रोहिंग्याओं के भारत में रहने पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब उनपर पुणे स्थित एक लेखक ने किताब लिखी है। लेखक अक्षय जोग ने अपनी किताब में लिखा कि रोहिंग्याओं को क्यों निर्वासित किया जाना चाहिए? इस किताब को रविवार को कर्वे रोड पर स्वतंत्रता वीर सावरकर ऑडिटोरियम में रिलीज किया गया।
रोहिंग्याओं पर शुरू से ही उनके भारत में रहने न रहने पर सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर लोगों के भी अलग अलग मत हैं। एक तरफ लोगों का कहना है कि शरणार्थियों को निर्वासित नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें मानवीय दृष्टिकोण से देखना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ माना जाता रहा है कि इन पर निगरानी रखनी चाहिए। क्योंकि यह देश के लिए खतरा हैं। इसलिए अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाल देना चाहिए।
जोग ने अपनी किताब में लिखा कि यह एक तथ्य है कि रोहिंग्या एक सताए हुए अल्पसंख्यक हैं। लेकिन वह भारतीय सुरक्षा के लिए खतरा भी हैं। इसलिए सरकार की पहली प्राथमिकता है कि उसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षा देनी चाहिए।
जोग कहते हैं कि वह समझते हैं कि उनके इन विचारों की आलोचना होगी लेकिन उनका एकमात्र उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि मेरी इस पुस्तक के लिए आपको एक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में सोचना होगा। इसे किसी भी धार्मिक या राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से नहीं। मेरा एकमात्र उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देना है। इसलिए भारतीयों को यह प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह पुस्तक अंग्रेजी और मराठी दोनों में प्रकाशित है।