पुलवामा हमले के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे कश्मीरी छात्रों से दुर्व्यवहार और परेशान करने की शिकायतों के बाद राज्य सरकारें व प्रशासन आगे आया है। इन्होंने कश्मीरी छात्रों को पूरी सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है। साथ ही मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं ताकि परेशान लोग तत्काल मदद मांग सकें। गृह मंत्रालय ने शनिवार को ही सभी राज्यों को कश्मीरी नागरिकों व छात्रों की सुरक्षा पुख्ता करने संबंधी एडवाइजरी जारी कर दी थी।
दरअसल, सोशल मीडिया में पिछले एक दो दिन से ऐसी खबरें आ रही थीं कि दिल्ली, लखनऊ, नोएडा, देहरादून, गुजरात, जयपुर, हिमाचल, बंगलूरू, अंबाला, अलीगढ़ समेत अन्य जगहों पर रहने वाले कश्मीरी छात्रों और लोगों को स्थानीय लोग डरा-धमका रहे हैं। दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक कश्मीरी छात्र ने कहा कि पहले से ही कश्मीर का होने के चलते परेशानी होती थी। पुलवामा हमले के बाद दिक्कत बढ़ गई है। हम अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र अनीस अहमद ने कहा कि जो कश्मीरी हॉस्टल या किराये के कमरों में रह रहे हैं, उन्हें ज्यादा डर सता रहा है। सोशल मीडिया पर कश्मीरियों को आतंकी बताकर अभियान चलाया जा रहा है। इससे डर का माहौल है। वहीं, पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने ट्वीट किया कि दिल्ली भर खासकर अल्पसंख्यक बाहुल्य इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
हम कश्मीरी नागरिकों समेत सभी की सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाते हैं। वहीं, ओडिशा और गुजरात पुलिस ने अपने यहां कश्मीरी छात्रों के साथ किसी भी घटना से इनकार किया है। उनका कहना है कि कश्मीर के छात्रों को सुरक्षा देने के लिए कदम उठाए गए हैं। हेल्पलाइन नंबर भी दिए गए हैं।
उत्तराखंड-यूपी में प्रशासन सतर्क
उत्तराखंड के देहरादून में एक हॉस्टल में लड़कियों को बंधक बनाने की खबरों का प्रशासन और सरकार ने खंडन किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट किया कि कश्मीरी छात्रों से मारपीट या प्रताड़ित करने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरें अफवाह हैं। कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। राज्य पुलिस ने कश्मीरी छात्रों से पुलवामा हमले को लेकर किसी भी तरह का भड़काऊ बयान नहीं देने को कहा है।
यूपी में डीजीपी मुख्यालय से भेजे निर्देश में कहा गया है कि कश्मीरियों से जुड़ी भड़काऊ सूचनाओं का समय रहते निस्तारण किया जाए। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने कश्मीरी छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी कर कहा कि वे कैंपस छोड़कर बाहर न जाएं। जाने पड़े तो अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
लोगों ने मोबाइल नंबर और पता दिया
पुलिस और राज्य सरकारों के साथ ही पत्रकारों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने सोशल मीडिया पर कश्मीरी छात्रों को मदद का आश्वासन दिया है। इसके लिए लोगों ने अपने मोबाइल नंबर और घर के पते भी दिए हैं।