पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर गुरुवार को आतंकियों ने हमला किया था। जिसमें 40 जवान शहीद हो गए हैं। इस हमले की देश-विदेश में काफी निंदा सकी गई है। देश के कई बड़े राजनेता इसपर दुख जता चुके हैं और शहीदों के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
इसी बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'यह बहुत भयावह त्रासदी है। आतंकवाद का मकसद हमारे देश को तोड़ना और बांटना है लेकिन मैं यह साफ कहना चाहता हूं कि इस देश को कोई भी शक्ति तोड़ नहीं सकती, बांट नहीं सकती। पूरा विपक्ष अपने सुरक्षा बलों और सरकार के साथ खड़ा है।'
गांधी ने आगे कहा, 'यह शोक, दुख और सम्मान का समय है। यह हमला हिंदुस्तान की आत्मा पर हमला हुआ है। जिन लोगों ने यह भी किया है उनको यह नहीं लगना चाहिए कि वे इस देश को जरा सा भी चोट पहुंचा सकते हैं। उनको मालूम होना चाहिए कि यह देश इस तरह के हमले को भूलता नहीं है।’
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘आज शोक का दिन है। हमारे देश ने अपने करीब 40 जवानों को खो दिया है। हम शहीद जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं और हम कहना चाहते हैं कि हम उनके साथ हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हम आतंकवाद से कभी समझौता नहीं करने वाले हैं। आतंकवाद एक ऐसी समस्या है जिससे कभी समझौता नहीं किया जा सकता। हम आतंकवाद की समस्या से निपटने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे। आज जटिल मुद्दों को उठाने का दिन नहीं है। हम सिर्फ जवानों के साथ एकजुटता प्रकट करना चाहते हैं। इस देश को एकजुट रखने के लिए जो भी हो सकेगा हम करेंगे।’
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘यह बहुत दुखद घटना है। पूरा देश शोकाकुल है। यह आक्रमण किसी एक व्यक्ति, सुरक्षा बलों पर नहीं, बल्कि पूरे देश पर है।’