भारतीय रेल में निजीकरण को लेकर बृहस्पतिवार को नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने प्रेस वार्ता की। इसमें अमिताभ ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत होने वाले फायदों को गिनाया। अमिताभ ने कहा, 'यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे का उपयोग करके निजी कंपनियां आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ सवारी रेलगाड़ियों का परिचालन करेंगी।'
उन्होंने कहा, 'भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण हर किसी के लिए एक जीत की स्थिति है! क्वॉलिटी ट्रेन सेवाएं, नई तकनीक और वैल्यू एडेड सेवाएं यूजर्स के अनुभव को बढ़ाएंगी।' हम 109 रेलमार्गों को देख रहे हैं, जिसके लिए 151 ट्रेनों की आवश्यकता है, जिन्हें 12 समूहों में विभाजित किया गया है। इसके लिए हम पारदर्शी तरीके से बोली प्रक्रिया का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा, 'जिस निजी क्षेत्र का निवेश हम देख रहे हैं, वह लगभग 30,000 करोड़ रुपये का है।'