मान लीजिए कि अभी आपको आपको 200 रुपए के रिचार्ज पर प्रतिदिन 28 दिनों 1 जीबी इंटरनेट डेटा प्रतिदिन मिलता है। इस डेटा का इस्तेमाल आप यू-ट्यूब, वॉट्सएप, फेसबुक या किसी भी सेवा या वेबसाइट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। मगर नेट न्यूट्रैलिटी लागू नहीं होती तो डेटा अलावा आपको फेसबुक या वॉट्सएप के लिए अलग से पैक लेना पड़ सकता है या कोई कंपनी चाहे तो किसी खास सेवा की स्पीड बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पैसा ले सकती है।
दुनिया में नेट न्यूट्रैलिटी की स्थिति
ब्राजील
ब्राजील ने 2014 में नेट न्यूट्रैलिटी को कानूनी को लागू किया। इस कानून के जरिए उपभोक्ताओं को एक सामान इंटरनेट स्पीड देने के लिए कंपनियों द्वारा अलग बैंडविड्थ अपनाने पर भी रोक गई।
अमेरिका
2015 में अमेरिका ने नेट न्यूट्रैलिटी को अनिवार्य कर दिया था। ओबामा सरकार ने फरवरी में मसौदा तैयार करके मार्च में इसे पारित किया। विश्व बैंक की रिपोर्ट ने खुलासा किया कि उच्च गति के इंटरनेट कनेक्शन में हर 10 फीसदी की वृद्धि से 1.3% अधिक आर्थिक विकास होता है।
नीदरलैंड्स
2012 में नीदरलैंड्स उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कानून बनाने वाला पहला यूरोपियन देश बना। इस कानून के तहत टेलीकॉम कंपनियों के उपभोक्ताओं से विशेष सेवा का अतिरिक्त शुल्क लेने और किसी सेवा को ब्लॉक करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
भारत में भी 46 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट उपभोक्ता हैं।