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Prophet Remarks Row: 'नुपुर को फांसी देनी चाहिए', AIMIM सांसद ने की मांग, ओवैसी की पार्टी को करना पड़ा डैमेज कंट्रोल

Sat, 11 Jun 2022 08:54 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नुपुर शर्मा की टिप्पणी के बाद देश के लगभग हर कोने में विशेष समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई जगहों पर आगजनी और पत्थरबाजी जैसी घटनाएं भी सामने आईं। उत्तर प्रदेश में छह जिलों के 130 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
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असदुद्दीन ओवैसी, नेता AIMIM - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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AIMIM सांसद इम्तियाज जलील की नुपुर शर्मा पर टिप्पणी के बाद पार्टी की ओर से सधा हुआ बयान जारी किया गया है। इम्तियाज जलील के बयान पर पार्टी ने ट्वीट कर नुपुर शर्मा की गिरफ्तारी और समय पर कार्रवाई की मांग की।

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दरअसल, औरंगाबाद से लोकसभा सांसद इम्तियाज जलील ने शुक्रवार को कहा था कि नूपुर शर्मा को पैगंबर मोहम्मद पर उनकी विवादित टिप्पणी के लिए मौत की सजा दी जानी चाहिए। अगर उन्हें आसानी से जाने दिया जाता है तो ऐसी चीजें नहीं रुकेंगी। उन्होंने कहा, किसी भी जाति, धर्म या संप्रदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कानून लाया जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, नुपुर शर्मा को पार्टी से निकाल दिया गया है। यह कैसी कार्रवाई है? उन्होंने कहा समय पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, इसलिए ऐसे विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 
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कई जगहों पर हुई हिंसा 
नुपुर शर्मा की टिप्पणी के बाद देश के लगभग हर कोने में विशेष समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई जगहों पर आगजनी और पत्थरबाजी जैसी घटनाएं भी सामने आईं। उत्तर प्रदेश में छह जिलों के 130 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रयागराज और सहारनपुर में प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। प्रयागराज में कुछ मोटरसाइकिलों और गाड़ियों में आग लगा दी गई और एक पुलिस वाहन को आग लगाने का प्रयास किया गया। 
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भाजपा ने किया था निष्काषित 
दरअसल, भाजपा प्रवक्ता रहीं नुपुर शर्मा ने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक  टिप्पणी की थी। यही इस विरोध का प्रमुख कारण है। नुपुर की टिप्पणी के बाद 15 से ज्यादा अरब देश भी नाराज हो गए। कई जगहों पर भारतीय उत्पादों का इस्तेमाल बंद करने तक की अपील की गई। इसके बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। 

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