रेलवे लाइन का निरीक्षण करते महाप्रबंधक।
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इस बारे में जानकारी देते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने इस सेक्शन में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरंगों, पुलों, ट्रैक और सिग्नलिंग व्यवस्था सहित आधारभूत संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की। महाप्रबंधक ने विभिन्न स्टेशनों पर कर्मचारियों के साथ बातचीत कर ट्रैक को सुदृढ़ बनाने, भूस्खलन जैसे भूगर्भीय स्थिरता और सुरक्षा संबंधी मुद्दों सहित प्रमुख चुनौतियों को दूर करने पर जोर दिया। जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी, खोंगसांग-नोनी (18.25 कि.मी.) और नोनी-इम्फाल (37.02 कि.मी.) सेक्शनों को आने वाले वर्षों में चालू किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने पर, जिरिबाम-इम्फाल रेलवे लाइन मणिपुर की कनेक्टिविटी में बदलाव लाएगी, जिससे आर्थिक वृद्धि एवं क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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उन्होंने बताया जिरिबाम – इम्फाल नई रेलवे लाइन परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में एक है। भारतीय रेलवे कई नई रेलवे लाइन परियोजनाओं को क्रियान्वित कर पूर्वोत्तर राज्यों के परिवर्तन की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दे रही है और जिरिबाम-इम्फाल संपर्क परियोजना समग्र परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों को जोड़ने के लिए इन राजधानी कनेक्टिविटी परियोजनाओं के तहत नई रेलवे लाइनों का निर्माण किया जा रहा है।