विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र-इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक मोहनकुमार हाल ही में प्रक्षेपित चंद्रयान-3 के मिशन निदेशक हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण एलवीएम-3 का लगातार सातवां मिशन है, उनमें से पहला क्रू मॉड्यूल एटमॉस्फेरिक री-एंट्री मिशन है, जो देश के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष यान कार्यक्रम की दिशा में पहला कदम है। डिजाइन के हिसाब से एलवीएम बेहद विश्वसनीय और मजबूत वाहन है और इसने सभी तरह के जटिल मिशनों को अंजाम देने में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की है।
उन्होंने कहा, हम राष्ट्रीय आवश्यकताओं के साथ-साथ ग्राहक उपग्रह जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एलवीएम-3 वाहन की गुणवत्ता में सुधार, पेलोड और लॉन्च आवृद्धि में वृद्धि की निरंतर प्रक्रिया में हैं। एलवीएम-3 वाहन को गगनयान मिशन के लिए भी चुना गया है।
उन्होंने कहा, बेहतर विश्वसनीयता जैसे उद्देशोयं के साथ प्रमाणन अभ्यास के हिस्से के रूप में अतिरिक्त योग्यता परीक्षण ने वास्तव में वाहन की मजबूती में मूल्य जोड़ा है। उन्होंने कहा, हमारी रणनीति परिचालन उड़ानों में ही ह्यूमन-रेटेड लॉन्च व्हीकल का परीक्षण करना है, ताकि हमें नियोजित मानव रहित उड़ानों के अलावा वास्तविक मानव अंतरिक्ष उड़ान से पहले पर्याप्त आत्मविश्वास मिल सके।
चंद्रयान-3 मिशन में ह्यूमन रेटिंग के कुछ पहलुओं को शामिल किया गया था। उन्होंने चंद्रयान-3 मिशन के प्रक्षेपण को पूरा करने के लिए प्रक्षेपण यान टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी देने के लिए इसरो और केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर वीआईटी के संस्थापक-चांसलर जी विश्वनाथन भी मौजूद थे।