कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरों को लेकर सोमवार को चिंता जताई। उन्होंने उम्मीद जताई कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार हिंदू, ईसाई और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति, भाषा या पहचान के आधार पर भेदभाव, हिंसा और हमले अस्वीकार्य हैं।
बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के गिरने के बाद से वहां हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। प्रियंका गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर लगातार हमलों की खबरें विचलित करने वाली हैं। किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति, भाषा या पहचान के आधार पर भेदभाव, हिंसा और हमले अस्वीकार्य हैं।' प्रियंका ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बांग्लादेश में जल्द हालात सामान्य होंगे और वहां की अंतरिम सरकार हिंदू, ईसाई और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करेगी।
प्रदर्शनकारियों से 19 अगस्त तक का अल्टीमेटम
इस बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के गृह मामलों के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) एम सखावत हुसैन ने सोमवार को प्रदर्शनकारियों से 19 अगस्त तक सभी अवैध और अनधिकृत हथियार जमा करने को कहा। हुसैन ने कहा कि अगर ये हथियार पास के थानों में नहीं जमा किए जाते तो अधिकारी तलाशी अभियान चलाएंगे और अगर किसी के पास अनधिकृत शस्त्र पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ आरोप दर्ज किए जाएंगे।
हुसैन ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों समेत करीब 500 लोग मारे जा चुके हैं और कई हजार लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक युवक को वीडियो में 7.62 एमएम की राइफल ले जाते हुए देखा गया था। इसका मतलब है कि राइफल लौटाई नहीं गई है। अगर आपने इसे (डर की वजह से) जमा नहीं किया तो किसी और के माध्यम से जमा करा दो।