कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शनिवार को आरोप लगाया कि वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित लोगों को राजनीति के चलते सहायता नहीं दी जा रही है। साथ ही कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
संसद के बाहर विरोध जारी
बता दें, प्रियंका गांधी आपदा प्रभावित वायनाड को आर्थिक मदद देने की मांग को लेकर कई अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ मिलकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। मकर द्वार की सीढ़ियों के सामने विरोध जताते हुए सांसदों ने 'वायनाड के लिए न्याय' के नारे लगाए। उनके हाथों में एक बैनर भी था, जिस पर लिखा था, जस्टिस फॉर वायनाड, वायनाड के लिए राहत पैकेज दो।
विशेष पैकेज देने की मांग
इसी दौरान वायनाड सांसद प्रियंका ने आरोप लगाया, 'सरकार वायनाड को विशेष पैकेज देने से इनकार कर रही है। हमने गृह मंत्री से अनुरोध किया है, हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। हिमाचल प्रदेश में भी इसी तरह की बड़े पैमाने पर तबाही हुई है और वहां कांग्रेस की सरकार है। वे केंद्र से मदद मांग रहे हैं, लेकिन फिर भी दोनों मामलों में केंद्र सरकार राजनीति के कारण पीड़ितों को उनका हक देने से इनकार कर रही है। वे भारत के नागरिक हैं। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'वे भारत के नागरिक हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय, दर्द के समय, किसी भी प्रकार की पीड़ा के समय में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह वह समय है जब केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री को प्रत्येक भारतीय नागरिक के जीवन और उनकी आजीविका का संरक्षक होना चाहिए।'
'राजनीति को अलग रखना चाहिए'
उन्होंने आगे कहा, 'यही वह समय है जब उन्हें राजनीति को अलग रखना चाहिए और आवश्यक सहायता देनी चाहिए। हम वास्तव में बहुत निराश हैं कि हमें इस मामले को सामने रखना पड़ रहा है, जबकि प्रधानमंत्री ने खुद दर्द और पीड़ा देखी है। हमने मानवता और करुणा के कारण सोचा कि वायनाड के पीड़ितों को जो मिलना चाहिए वह उन्हें दिया जाएगा। सांसद अभी भी उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार करुणा व मानवता रखेगी और जो भी करने की जरूरत है वह करेगी क्योंकि यह एक ऐसा मामला है जो राजनीति से परे है।'
दो हजार करोड़ का नुकसान
इस महीने की शुरुआत में केरल के सांसदों द्वारा की गई मांगों पर गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि नोट में सिर्फ भारतीय वायुसेना के विमान के ईंधन पर किए गए खर्च की बात की गई थी। उन्होंने कहा कि नुकसान 2,000 करोड़ रुपये का है, लेकिन यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह कितना देना चाहती है।
शाह से एक प्रतिनिधिमंडल ने की थी मुलाकात
इस महीने की शुरुआत में, वायनाड के सांसद के नेतृत्व में केरल के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शाह से मुलाकात की थी, जिसमें भूस्खलन प्रभावित लोगों के लिए केंद्र के समर्थन की मांग की गई, जबकि उनसे राजनीति से ऊपर उठने और राहत प्रदान करने में और अधिक आगे बढ़ने का आग्रह किया गया।
जुलाई में भूस्खलन ने मचाई थी भारी तबाही
केरल के वायनाड जिले में 30 जुलाई को मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में आए भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 231 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 लोग लापता हैं। आपदा ने वायनाड में अट्टामाला के साथ-साथ तीन गांवों- पुंचिरीमट्टम, चूरालमाला और मुंडक्कई के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया था।