फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राइवेट ट्रेन प्रोजेक्ट: निजी ऑपरेटरों के साथ जल्द बातचीत शुरू कर सकता है रेल मंत्रालय

Fri, 17 Dec 2021 06:30 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र से अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, स्थिर और गतिमान रैक के लिए मौजूदा निर्धारित ढुलाई शुल्क प्राइवेट ऑपरेटरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। खड़ी हुई किसी रेक पर हर घंटे लगभग 180 रुपये प्रति कोच का स्थिर शुल्क लगाया जाता है, जबकि हर घंटे का मूविंग चार्ज शुल्क लगभग 800 रुपये प्रति कोच होता है...
विज्ञापन
तेजस ट्रेन होस्टेस - फोटो : PTI (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश में प्राइवेट ट्रेन चलाने को लेकर एक बार फिर रेल मंत्रालय में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ट्रेन चलाने वाले प्राइवेट ऑपरेटर इस बार नियमों को व्यवहारिक बनाने और ट्रेन परिचालन की लागत कम करने पर जोर दे रहे हैं। इधर, रेल मंत्रालय ने भी एक बार फिर प्राइवेट ट्रेन के लिए निविदा निकालने के लिए निजी क्षेत्र के ऑपरेटरों के साथ विचार विमर्श शुरू कर दिया है।

भुगतान शुल्क को लेकर हैं दिक्कतें

मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र से अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, स्थिर और गतिमान रैक के लिए मौजूदा निर्धारित ढुलाई शुल्क प्राइवेट ऑपरेटरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। खड़ी हुई किसी रेक पर हर घंटे लगभग 180 रुपये प्रति कोच का स्थिर शुल्क लगाया जाता है, जबकि हर घंटे का मूविंग चार्ज शुल्क लगभग 800 रुपये प्रति कोच होता है। इन निजी ट्रेनों के लिए कम से कम स्थिर शुल्क माफ किया जाना चाहिए और मूविंग चार्ज कम किया जाना चाहिए। इसके अलावा निजी ट्रेन चलाने वाले ऑपरेटर के लिए बर्थ का किराया भी चिंता का विषय बना हुआ है। क्योंकि ट्रेन चले या फिर नहीं चले, ऐसी स्थिति में भी आपरेटरों को इसका भुगतान रेलवे को करना होगा।

109 शहरों को 151 आधुनिक ट्रेनों से जोड़ने की योजना

रेल मंत्रालय ने जुलाई 2020 में यात्री ट्रेन चलाने के लिए निजी ऑपरेटरों के लिए रिक्वेस्ट फॉर क्वॉलिफिकेशन आमंत्रित किया था। 109 शहरों को 151 आधुनिक ट्रेनों से जोड़ने की योजना थी। लेकिन अक्तूबर 2020 तक मंत्रालय को 15 फर्मों से 12 समूह के लिए 120 ही आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर (एमईआईएल), साईनाथ सेल्स ऐंड सर्विस, आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी), जीएमआर हाईवे, वेलस्पन एंटरप्राइजेज, गेटवे रेल फ्रेट और क्यूब हाईवेज एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर-3 शामिल थे। मालेम्पति पावर, एलएंडटी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स, आरके एसोसिएट्स एंड होटलियर्स, कन्स्ट्रक्सिओंसी ऑक्सिलियर डी फेरोकैरिलेस, पीएनसी इंफ्राटेक, अरविंद एविएशन तथा बीएचईएल ने भी इस टेंडर के लिए उपयुक्त पाए गए थे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें