जी-20 में 40 से ज्यादा देशों के विदेशी मेहमानों के आगमन को देखते हुए दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर तैयारियां शुरु हो गई हैं। एयरपोर्ट पर वीआईपी और वीवीआईपी उड़ानों की बढ़ती आवाजाही से दिल्ली हवाईअड्डे पर गहमागहमी बढ़ गई है। इससे देसी विमानन कंपनियों को थोड़ी असुविधा होने लगी है। इसके मद्देनजर विमानन कंपनियों ने नौ और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान हवाई यातायात और सड़क यातायात प्रतिबंधों के कारण करीब 160 उड़ानें रद्द कर दी हैं।
सभी कंपनियों ने इसकी जानकारी दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को दे दी है। एविएशन एनालिटिक्स फर्म सिरियम के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर फिलहाल आठ से 10 सितंबर के बीच 3,497 उड़ानें संचालित होने का अनुमान है।
दरअसल, नागर विमानन मंत्रालय ने पिछले सप्ताह विमानन कंपनियों को जी-20 उड़ानों का आवागमन निर्बाध बनाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर आठ से 10 सितंबर के बीच उड़ानों की संख्या कम करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह कहा था कि, जी-20 शिखर सम्मेलन को देखते हुए आठ से 10 सितंबर तक दिल्ली हवाई अड्डे तक जाने वाली सड़कों पर यातायात प्रभावित रहेगा। पुलिस ने आम लोगों को दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का उपयोग करने का सुझाव दिया है।
केंद्र सरकार ने हिंडन हवाई अड्डा प्रबंधन को भी तैयार रहने के लिए कहा है। सरकार ने कहा है कि दिल्ली में पार्किंग की कमी के कारण किसी भी वीआईपी उड़ान को हिंडन पर उतारा जा सकता है। हिंडन हवाई अड्डे से इस साल जनवरी से किसी भी वाणिज्यिक उड़ान का परिचालन नहीं हुआ है। हिंडन हवाई अड्डा शहर के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में है और यह दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से लगभग 35 किलोमीटर दूर है।
इस बीच, विमानन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने शिकायत है कि जी-20 शिखर सम्मेलन के कारण उड़ानें रद्द होने या इनके पुनर्निर्धारण के बारे में उन्हें पहले ही सूचित किया जाना चाहिए था। एक प्रमुख विमानन कंपनी के मार्ग नियोजन अधिकारी का कहना है कि, आखिरी वक्त में इस तरह के निर्देश विमानन कंपनियों के साथ-साथ यात्रियों के लिए भी भारी परेशानी पैदा करते हैं। सभी को पता था कि जी-20 शिखर सम्मेलन नौ और 10 सितंबर को आयोजित होगा। यह निर्देश जुलाई में ही जारी किया जा सकता था। एक अन्य विमानन कंपनी के अधिकारी ने कहा कि दिल्ली हवाईअड्डे पर अभी केवल 160 उड़ानें रद्द की गई हैं, मगर यह संख्या बढ़ सकती है।
विमानन कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली हवाईअड्डे पर पार्किंग से जुड़े मुद्दे हैं। दिल्ली हवाईअड्डे पर अभी करीब 70 विमान खड़े हैं। फिर, जी-20 देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों को लाने वाले विमानों के लिए अतिरिक्त जगह की जरूरत पड़ेगी। इस पर गौर करने के बाद ही सरकार ने विमानन कंपनियों से उड़ानों की संख्या कम करने का निर्देश दिया है।