बैलिस्टिक मिसाइल की दुनिया में भारत एक कदम और आगे बढ़ गया है। भारत ने पूरी तरह से स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल पृथ्वी-2 का कामयाब परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर में किया। ये परीक्षण सुबह करीब 10.56 पर किया गया।
ये मिसाइल एलुमिनियम मिश्र धातु से बनी हुई है और इसके पंखों को मैग्नीशियम से बनाया गया है। इस मिसाइल को भारतीय सेना के 333-मिसाइल रेजिमेंट में शामिल किया गया है। इस मिसाइल में 1000 किलो तक की पेलोड ले जाने की क्षमता है, इसके रेंज को और बढ़ाया भी जा सकता है।
ये मिसाइल करीब 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंच सकता है, इसके साथ ही 80 डिग्री के लक्ष्य को भेद सकता है।
जानिए क्या है पृथ्वी-II की खासियत
-पृथ्वी-II पहली देश में बनाई गई बैलिस्टिक मिसाइल है।
-ये सॉलिड और लिक्विड दोनों तरह के इंजन से चलाई जा सकती है।
-इससे पहले 2016 और 2014 को इसका सफल यूजर ट्रायल हुआ था।
-मिसाइल 500 से 1000 किलोग्राम तक वजनी हथियार ले जाने में सक्षम है।
-पृथ्वी-2 की एक खासियत यह भी है कि यह 350 किलोमीटर तक जमीन से जमीन में मार कर सकने में सक्षम है।