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प्रधानमंत्री मोदी को विज्ञान संग्रहालय दिखाना चाहते हैं प्रिंस चार्ल्स

Wed, 11 Apr 2018 12:49 PM IST
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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वह क्षण बेहद ऐतिहासिक होगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रिंस चार्ल्स के बीच मुलाकात होगी। प्रिंस चार्ल्स आर्थर फिलिप जार्ज पीएम मोदी को खुद ब्रिटेन का प्रतिष्ठित साइंस म्यूजियम दिखाना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री 18 अप्रैल को ब्रिटेन में होंगे। पीएम नरेंद्र मोदी राष्ट्रमंडल देशों की शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए लंदन जा रहे हैं। वह 18 से 20 अप्रैल तक की तीन दिन की यात्रा के दौरान पहले दिन भारत और ब्रिटेन के बीच रिश्तों की बुनियाद मजबूत करने में व्यस्त रहेंगे। इसके लिए ब्रिटेन ने भी काफी अच्छी पहल की है। 

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18 अप्रैल को ही दोनों देशों के बीच आपसी लिविंग ब्रिज की थीम पर भारत में जन्मे ब्रिटिश लोगों तथा ब्रिटेन में जन्मे भारतीयों के साथ भी प्रधानमंत्री चर्चा करेंगे। संबंधों को मजबूत बनाने, नए विकल्पों पर विचार करने, एक दूसरे के लिए अवसर के द्वार खोलने समेत तमाम आपसी हितों पर द्विपक्षीय चर्चा होगी। द्विपक्षीय चर्चा में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री प्रिंस चार्ल्स के साथ होंगे। 

चार्ल्स प्रधानमंत्री को अपने साथ ब्रिटेन के विश्वविख्यात विज्ञान म्यूजियम में ले जाएंगे। इस म्यूजियम में विज्ञान से जुड़ी पांच हजार साल पुरानी यादें और उनसे जुड़े तथ्य सहेजे गए हैं। इसमें भारत के शोधार्थियों, वैज्ञानिकों का योगदान भी शामिल है। प्रिंस चार्ल्स खुद इसे प्रधानमंत्री को दिखाना चाहते हैं।
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प्रिंस चार्ल्स को है आयुर्वेद पर भरोसा

प्रिंस चार्ल्स आर्युवेद ग्रंथ सुश्रुत संहिता से भी प्रधानमंत्री को रू-ब-रू कराएंगे। प्रिंस चार्ल्स खुद भी आयुर्वेद पर भरोसा करते हैं। वह हर साल एक बार अपनी पत्नी के साथ भारत आते हैं। प्रिंस चार्ल्स बेंग्लुरू जाते हैं और डा. मथाई के सौक्या (एसएओकेवाईए) अंतरराष्ट्रीय हेल्थ सेंटर में स्वास्थ्य संबंधी उपचार लेते हैं। इस क्रम में भारत और ब्रिटेन रिश्ते को और मजबूती देना चाह रहे हैं। इसके लिए वहां के कॉलेज ऑफ मेडिसिन के साथ समझौता होगा तथा ब्रिटेन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने की पहल होगी।

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भारतीय शोधार्थियों से होगी मुलाकात

ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर भारतीय शोधार्थी रहते हैं। ब्रिटेन में करीब 15 लाख भारतीय रहते हैं। वहां की पार्लियामेंट में भारतीय मूल के सदस्यों की संख्या भी 20-25 के आसपास रहती है। इतना ही नहीं भारतीय वहां रोजगार पैदा करने के मामले में दूसरे नंबर पर तथा निवेश के मामले में तीसरे स्थान पर है। दोनों देशों के बीच में करीब 13 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है और इसमें भारत का निर्यात का पक्ष मजबूत है। इसलिए नई दिल्ली इन संबंधों को ऊंचाई पर ले जाना चाहती है।

इसी क्रम में प्रधानमंत्री वहां के क्रिक संस्थान जाएंगे। क्रिक संस्थान में कैंसर पर काम करने वाले भारतीय शोधार्थियों से मिलेंगे। इसके बाद टाटा लैंड रोवर के इलेक्ट्रिक वर्जन को भी लांच करेंगे और सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे। इस तरह से यूरोपीय यूनियन से बाहर हो रहे ब्रिटेन में प्रधानमंत्री की इस यात्रा को कई माने में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
 
19-20  अप्रैल को होगी राष्ट्रमंडल देशों की शिखर बैठक

19 और 20 अप्रैल को ब्रिटेन की अध्यक्षता में 52 राष्ट्रमंडल सदस्य देशों की शिखर बैठक होगी। इसमें सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष होंगे। ब्रिटेन चाहता है कि भारत समेत सभी सदस्य आपस में व्यापार, राजनीतिक संपर्क समेत अन्य रिश्ते को मजबूत करें। इन सदस्य देशों में भारत की अर्थ व्यवस्था तथा राजनीतिक ताकत काफी माने रखती हैं। हालांकि इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्ष भी जाएंगे। भारत और पाकिस्तान के शिखर नेता दो दिन एक ही छत के नीचे होंगे, लेकिन माना जा रहा है कि इस दौरान भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच में कोई भेंट की उम्मीद काफी है।
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