ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर भारतीय शोधार्थी रहते हैं। ब्रिटेन में करीब 15 लाख भारतीय रहते हैं। वहां की पार्लियामेंट में भारतीय मूल के सदस्यों की संख्या भी 20-25 के आसपास रहती है। इतना ही नहीं भारतीय वहां रोजगार पैदा करने के मामले में दूसरे नंबर पर तथा निवेश के मामले में तीसरे स्थान पर है। दोनों देशों के बीच में करीब 13 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है और इसमें भारत का निर्यात का पक्ष मजबूत है। इसलिए नई दिल्ली इन संबंधों को ऊंचाई पर ले जाना चाहती है।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री वहां के क्रिक संस्थान जाएंगे। क्रिक संस्थान में कैंसर पर काम करने वाले भारतीय शोधार्थियों से मिलेंगे। इसके बाद टाटा लैंड रोवर के इलेक्ट्रिक वर्जन को भी लांच करेंगे और सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे। इस तरह से यूरोपीय यूनियन से बाहर हो रहे ब्रिटेन में प्रधानमंत्री की इस यात्रा को कई माने में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
19-20 अप्रैल को होगी राष्ट्रमंडल देशों की शिखर बैठक
19 और 20 अप्रैल को ब्रिटेन की अध्यक्षता में 52 राष्ट्रमंडल सदस्य देशों की शिखर बैठक होगी। इसमें सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष होंगे। ब्रिटेन चाहता है कि भारत समेत सभी सदस्य आपस में व्यापार, राजनीतिक संपर्क समेत अन्य रिश्ते को मजबूत करें। इन सदस्य देशों में भारत की अर्थ व्यवस्था तथा राजनीतिक ताकत काफी माने रखती हैं। हालांकि इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्ष भी जाएंगे। भारत और पाकिस्तान के शिखर नेता दो दिन एक ही छत के नीचे होंगे, लेकिन माना जा रहा है कि इस दौरान भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच में कोई भेंट की उम्मीद काफी है।