भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में भाग लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाईकोर्ट के वकीलों को आश्वासन दिया कि वह उनको किसी भी बात पर नाराज नहीं करेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन प्रधानमंत्री इलाहाबाद पहुंचने के कुछ ही देर बाद हाईकोर्ट गए।
अपने तय कार्यक्रम से कुछ विलंब से नरेंद्र मोदी तीन बजकर 50 मिनट पर हाईकोर्ट पहुंचे। गेट नंबर तीन से पोर्टिको में पहुंचने पर उनकी अगवानी हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वीके शुक्ल और अन्य जजों ने की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने सबसे पहले मार्बल हॉल में महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
चीफ जस्टिस लाइब्रेरी में उन्होंने हाईकोर्ट के जजों के साथ चाय पी और परिचय प्राप्त किया। जजों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री इलाहाबाद हाईकोर्ट के गौरवशाली इतिहास से भी परिचित हुए। यहां की समस्याओं से अवगत हुए। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का संग्रहालय भी देखा। प्रधानमंत्री लगभग एक घंटा चार मिनट हाईकोर्ट में रहे। चार बजकर 54 मिनट पर वह हाईकोर्ट से रवाना हो गए।
मोदी से मिलकर अभिभूत हुए वकील
नरेंद्र मोदी ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के दौरान हाईकोर्ट बार के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उनसे मिलकर अधिवक्ता अभिभूत थे। संक्षिप्त मुलाकात में सबसे पहले प्रधानमंत्री का शॉल और बुके भेंटकर स्वागत किया गया। बार के अध्यक्ष राधाकांत ओझा और महासचिव अशोक कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री के समक्ष हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति शीघ्र करने, वकीलों के लिए मल्टी लेबल पार्किंग और चैंबर हेतु हाईकोर्ट के सामने स्थित लीज लैंड को अधिग्रहीत करने, वकीलों के लिए मल्टी स्पेशल अस्पताल बनाने की मांग रखी।
प्रधानमंत्री से इलाहाबाद में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ज्यूडिशियल ट्रेनिंग की स्थापना करने की मांग रखी गई, ताकि अवर न्यायालयों से प्रोन्नत होकर हाईकोर्ट आने वाले जजों को प्रशिक्षण दिया जा सके। वकीलों को भी प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था हो सके। सबसे अहम हाईकोर्ट के बेंच विभाजन का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखते हुए कहा गया कि हाईकोर्ट की एकता व अखंडता उनके कार्यकाल में अक्षुण रहनी चाहिए। वकीलों ने यह भी मांग की कि देश के सभी उच्च न्यायालयों को केंद्र सरकार अपनी अधीन करे ताकि उनकी वित्तीय आवश्यकताओें की पूर्ति हो सके।
अधिवक्ताओं की बात प्रधानमंत्री ध्यान से सुनते रहे। अंत में उन्होंने आश्वासन दिया कि वह किसी भी बात पर वकीलों को नाराज नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री से मुलाकात में एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव विश्राम तिवारी, उपाध्यक्ष सुधांशु श्रीवास्तव, अपर सॉलीसिटर जनरल अशोक मेहता, मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय और शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह भी रहे।
प्रधानमंत्री के हाईकोर्ट पहुंचने पर लगे नारे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला जैसे ही हाईकोर्ट परिसर के भीतर दाखिल हुआ बाहर मौजूद कुछ वकीलों ने हाईकोर्ट विभाजन को लेकर नारेबाजी की। ‘हाईकोर्ट नहीं बंटेगा’ का नारा कुछ देर लगाने के बाद अधिवक्ता शांत हो गए। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए काफी संख्या में वकील बाहर मौजूद रहे। सभी को मुलाकात का मौका न मिल पाने से वकीलों में कुछ नाराजगी भी देखी गई।