प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने 2014-15 में सबसे ज्यादा आरटीआई आवेदन अस्वीकृत किए। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) की रिपोर्ट के मुताबिक पीएमओ ने 22 प्रतिशत आरटीआई आवेदनों को अस्वीकृत किया। यही नहीं सभी केंद्रीय मंत्रालयों में 2014-15 में सबसे ज्यादा करीब 8 प्रतिशत आरटीआई आवेदन अस्वीकृत की गई।
वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार आरटीआई की धारा 8 (1) का हवाला देकर सबसे ज्यादा 53 फीसदी आरटीआई अस्वीकृत की गई। हालांकि ये पिछले साल से करीब ढाई प्रतिशत कम है। इस धारा के तहत कहा गया है कि ऐसी सूचना को सार्वजनिक नहीं किया गया जिससे देश की अखंडता और संप्रभुता प्रभावित होती हो।
कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिसिएटिव के आरटीआई प्रोग्राम कोआर्डिनेटर वेंकटेश नायक ने बताया कि आमतौर पर देखा गया है कि बिना तर्कपूर्ण आधार के धारा 8 (1) के तहत कई आरटीआई खारिज की जा रही है। पीएमओ को यह बताना चाहिए आखिर सूचना सार्वजनिक होने पर यह देश की सुरक्षा को कैसे प्रभावित करेगी