नमो मोबाइल ऐप पर मंत्रियों के साथ विचार साझा करते हैं पीएम
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अगर आप यह सोच रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योजनाओं को लेकर मंत्रियों के साथ डिस्कशन कैबिनेट बैठक में ही करते हैं, तो आप गलत हैं जनाब! 70वें स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री चाहते थे कि जनता को बीजेपी सरकार की गरीबों के लिए चलाई जा रही 70 योजनाओं के बारे में आसान तरीके से बताया जाए और इस विषय पर मंत्रियों का विचार जानने के लिए प्रधानमंत्री ने साप्ताहिक कैबिनेट मीटिंग का इंतजार नहीं किया।
21 जुलाई को प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी मोबाइल एप्लीकेशन पर मंत्रियों के प्राइवेट ग्रुप को मैसेज भेजा। इनमें से बहुतों ने तुरंत जवाब दिया। इनमें स्मृति ईरानी, जितेंद्र सिंह, हरसिमरत कौर बादल और राजीव प्रताप रूडी शामिल है। इस बारे में अब एक विस्तृत प्लान बना लिया गया है।
ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डिजिटल कैबिनेट है, जो नमो ऐप पर माई नेटवर्क सेक्सन में है। हालांकि यह आम लोगों को नहीं दिखता। इसके जरिए मंत्री प्रधानमंत्री के साथ आइडिया और कार्यक्रमों को लेकर स्वतंत्र तरीके से बातचीत करते हैं।
नमो ऐप पर और ग्रुप बनेंगे।
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़
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इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री की योजना नमो ऐप पर इसी तरीके के और प्राइवेट ग्रुप बनाने की है। इनमें खिलाड़ियों, टेक्नोक्रेट और कृषि विशेषज्ञों को जोड़ा जाएगा। रियो ओलंपिक के लिए खिलाड़ियों के साथ मीटिंग में प्रधानमंत्री इस विचार को साझा किया और नमो ऐप पर प्राइवेट ग्रुप में जुड़ने को कहा।
अधिकारियों के मुताबिक नमो ऐप पर प्रधानमंत्री दो ग्रुप में बेहद सक्रिय रहते हैं। इनमें से एक पार्टी से जुड़ा है। ये ग्रुप हमारे सर्वर पर हैं और बहुत सुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि गरीबों के लिए बनाई गई योजनाओं को आसान तरीके से जनता को बताया जाए। और इसके लिए हो सके तो स्कीम्स को लेकर हेल्पलाइन भी बनाई जाए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'सरकार को लगता है कि बहुत सारे लोगों को इन योजनाओं के बारे में नहीं पता है।'
पीएम मोदी की सरकार का स्टाइल यूपीए सरकार से अलग है।
Prime Minister Narendra Modi in Inter State Council meet
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प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा है कि नमो ऐप ग्रुप पर जरूरी चीजें ही शेयर करें और इसके साथ ही उसे सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को भी भेजें।
इन सबके अलावा प्रधानमंत्री सभी पार्टियों के सांसदों के साथ व्यक्तिगत स्तर पर हर दिन पांच से छह मीटिंग करते हैं। कई सांसदों तो प्रधानमंत्री के साथ अनिर्धारित चर्चा के लिए भी पहुंच जाते हैं, जब वे सदन में उपस्थित रहते हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री के काम करने का अंदाज यूपीए सरकार में सांसदों के समूह के साथ मिलने की रवायतों को तोड़ता है।