प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की जल शक्ति अभियान की शुरुआत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विश्व जल दिवस के मौके पर जल शक्ति अभियान की शुरुआत की। कोरोना वायरस की वजह से प्रधानमंत्री मोदी ने इस अभियान को वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लॉन्च किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि मौजूदा समय में जलशक्ति के प्रति जागरुकता और प्रयास दोनों बढ़ रहे हैं।
'उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के लाखों परिवार का सपना होगा पूरा'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत में पानी की समस्या के समाधान के लिए 'कैच द रैन' की शुरुआत के साथ ही केन बेतवा लिंक नहर के लिए भी बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। अटल जी ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लाखों परिवारों के हित में जो सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए ये समझौता अहम है।
'जल से जुड़ी सभी योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है'
प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि जब हम जब तेज विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो ये पानी की सुरक्षा और प्रभावी जल प्रबंधन के बिना संभव ही नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि भारत का विकास हमारे जल स्रोतों और कनेक्टिविटी पर निर्भर है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पानी से जुड़ी सभी योजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। इसमें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, हर खेत को पानी अभियान, पर ड्रॉप मोर क्रॉप अभियान, नमामि गंगे मिशन, जल जीवन मिशन, अटल भूजल योजना शामिल है।
'करीब चार करोड़ गरीब परिवारों के पास नल कनेक्शन'
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में आगे बताया कि डेढ़ साल पहले तक, 19 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 3.5 करोड़ घरों में ही नल का कनेक्शन था लेकिन जल जीवन मिशन के शुरू होते ही, करीब चार करोड़ गरीब परिवारों के पास नल का कनेक्शन है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने पानी की गुणवत्ता की जांच में इस तरह का समर्पण दिखाया है। इस पहल में ग्रामीण महिलाओं को भी जोड़ा गया है। कोरोना के दौरान करीब 4.5 लाख महिलाओं को जल परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया था।