भारत और ग्रीस ने व्यापार, रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों के साथ ही आतंकवाद से निपटने के लिए अपने व्यापक सहयोग को बढ़ाने तथा प्रवासन व गतिशीलता साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीस के अपने समकक्ष किरियाकोस मित्सोटाकिस के साथ वार्ता में समग्र रणनीतिक सहयोग के विस्तार पर चर्चा की।
मित्सोटाकिस के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और ग्रीस की चिंताएं और प्राथमिकताएं एक समान हैं। हमने आतंकवाद से निपटने में अपने सहयोग को और मजबूत बनाने के बारे में विस्तार से चर्चा की। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास को दर्शाता है। इस क्षेत्र में काम करने के लिए कार्य बल का गठन किया गया है। इससे हम रक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद और समुद्री सुरक्षा जैसी आम चुनौतियों में सहयोग बढ़ा सकते हैं। हम दोनों देशों के रक्षा क्षेत्रों को जोड़ने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर खुल रहे हैं, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। हमने दोनों देशों के रक्षा उद्योगों को आपस में जोड़ने पर भी सहमति जताई हैं।
यूएन समेत अन्य वैश्विक संस्थानों में सुधार के लिए भी राजी : पीएम ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थानों के सुधार के लिए सहमत हैं, ताकि इन्हें समकालीन बनाया जा सके। भारत और ग्रीस वैश्विक शांति और स्थिरता में योगदान देने के लिए अपने प्रयास जारी रखेंगे।
सभी विवादों और तनावों का समाधान संवाद, कूटनीति से हो
पीएम ने कहा कि हमने कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। हम सहमत हैं कि सभी विवादों और तनावों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिये किया जाना चाहिए। हम हिंद-प्रशांत में ग्रीस की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक भूमिका का स्वागत करते हैं। यह खुशी की बात है कि ग्रीस ने हिंद-प्रशांत महासागर पहल से जुड़ने का निर्णय लिया है। पूर्वी भूमध्य सागर क्षेत्र में भी सहयोग पर सहमति बनी है। भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान लॉन्च किया गया आई-मैक कॉरिडोर लंबे समय तक मानवता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस पहल में ग्रीस भी अहम भागीदार बन सकता है।
विश्व मंच पर महान शक्ति है भारत : मित्सोटाकिस
रायसीना संवाद के 9वें संस्करण उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि मित्सोटाकिस ने कहा कि भारत विश्व मंच पर एक महान शक्ति है। भारत वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सहयोगी है। इसके साथ साझेदारी बढ़ाना यूरोप की विदेश नीति की आधारशिला होनी चाहिए। जब वैश्विक मसलों को आकार देने और बड़ी चुनौतियों के समाधान की बात आती है तो भारत को अब आम सहमति निर्माता और तेजी से ध्रुवीकृत दुनिया में तर्क की आवाज के रूप में जाना जाता है।
यूक्रेन जंग स्थानीय नहीं, भारत को निभानी होगी अहम भूमिका
ग्रीस के पीएम ने कहा, यूक्रेन-रूस के बीच चल रही जंग यूरोपीय धरती पर कोई स्थानीय युद्ध नहीं है। यह यूरोपीय धरती पर स्थानीय युद्ध से कहीं अधिक है। यह अंतरराष्ट्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय नियम आधारित व्यवस्था के लिए एक क्रूर चुनौती है। यूक्रेन मसले में भारत को इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। तीन दिवसीय रायसीना संवाद में मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष, सैन्य कमांडर, शिक्षाविद, पत्रकार और विद्वानों सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
मोदी दूरदर्शी नेता व सच्चे मित्र
मित्सोटाकिस ने कहा, पीएम मोदी में मुझे एक दूरदर्शी, एक प्रमुख नेता और एक सच्चा मित्र मिला है। पिछले साल भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान भारत-मध्य पूर्व आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) की सफलता के लिए मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता आवश्यक है। हम इस प्रोजेक्ट में ग्रीस की भागीदारी देख रहे हैं। आईएमईसी के माध्यम से ग्रीस यूरोप में भारत के लिए प्रवेश द्वार है। मित्सोटाकिस ने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन करते हैं।
जयशंकर ने कही यह बात
रायसीना डायलॉग में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि भूमध्यसागरीय क्षेत्र में भारत की बढ़ती रुचि हमारे निरंतर विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू है। भारत-ग्रीस साझेदारी निश्चित रूप से एक आधार के रूप में काम कर सकती है।