देश में करीब तीन माह की सुस्ती के बाद एक बार फिर दलहन के दामों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। इस तेजी की वजह मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के दलहन उत्पादन वाले इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून में देरी को माना जा रहा है। देश के प्रमुख थोक बाजारों में पिछले सप्ताह से यह तेजी देखी गई है। अरहर दाल में पांच फीसदी तो उड़द की कीमतों में करीब 3-4 फीसदी की तेजी आई है। भारतीय मौसम विभाग के हाल के आंकड़ों के मुताबिक 28 जून तक देश भर में बारिश सामान्य से 10 फीसदी कम रही है। इसमें भी दलहन उत्पादक इलाकों मध्य और उत्तर पश्चिम भारत में कुल बारिश सामान्य से 31 फीसदी तक कम रही है। सोमवार तक के आंकड़ों के मुताबिक नौ राज्यों व एक केंद्र शासित प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून पहुंच चुका है और वहां सामान्य से कम बारिश हुई है।
क्षेत्र वास्तविक सामान्य प्रतिशत बदलाव
दाल मिल एसोसिएशन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस समय चेन्नई के बाजारों में अच्छी आवक हो रही है। इसकी वजह से व्यापारी उसे मानक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। अन्य दलहन में मसूर और मूंग की कीमत भी बढ़ी है, जबकि चने की कीमत में इस अवधि के दौरान मामूली कमी आई है। अप्रैल से जून सामान्यतया दलहन की मांग के हिसाब से कमजोर महीने होते हैं क्योंकि ग्राहकों के पास अन्य विकल्प उपलब्ध होते हैं। कीमतों में यह बढ़ोतरी कमजोर मानसून की वजह से है। अगर मानसून में संतोषजनक प्रगति नहीं होती है, तो अगले 3-4 दिन कीमत बढ़ी हुई रह सकती है और दीवाली के बाद यह एमएसपी से ऊपर पहुंच सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि अब कई राज्यों में मानसून पहुंच गया है। अगले कुछ दिनों में बिहार के शेष इलाकों, उत्तर प्रदेश के कुछ और इलाकों, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा है कि अरब सागर और गुजरात के शेष इलाकों, राजस्थान के कुछ इलाकों, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के शेष इलाकों, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।