राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भले ही चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। मगर उम्मीदवार के नाम को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच अभी भी पहले आप पहले आप का सिलसिला चल रहा है। बुधवार को कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के नौ दलों ने बैठक कर फिर एक बार गेंद सरकार के पाले में डाल दी। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष के लोगों से संपर्क साधा है। पहले वे अपना उम्मीदवार नाम बताये। तब ही हम अपनी सहमति और असहमति के बारे में बताएंगे।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ओर से बनाई तीन सदस्यीय कमेटी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी से शुक्रवार के लिए मुलाकात को लेकर समय मांगा है। विपक्ष से बात करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली और शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडु शामिल है।
इस कमेटी ने बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र, सपा के रामगोपाल यादव और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल से भी बात करने के लिए संपर्क साधा है। राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार के लिए विपक्ष की पहली पसंद गोपाल कृष्ण गांधी मानी जा रही है। मगर विपक्ष चाहता है कि पहले सरकार अपने उम्मीदवार का नाम बताये। उसके बाद ही हम अपने उम्मीदवार का नाम सार्वजनिक करेंगे।
बुधवार को बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि भाजपा के उम्मीदवार के नाम के बारे में जाने बिना कैसे सर्वसम्मति की बात कही जा सकती है। भाजपा और सरकार ने अभी बात करने के लिए संपर्क साधा है। विपक्ष फिर बैठेगा और उनके उम्मीदवार के बारे में बात करेगा। संसद भवन में बुधवार को हुई बैठक में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद के अलावा सपा के रामगोपाल यादव, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस डेरेन ओ ब्रायन शामिल थे।