राष्ट्रपति कार्यालय के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय पुरस्कार के बारे में I&B मंत्रालय और राष्ट्रपति कार्यालय के बीच मार्च में चर्चा हुई थी। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी कि राष्ट्रपति समारोह में केवल एक घंटे ही रुकेंगे अप्रैल की शुरुआत में ही I&B मंत्रालय को दे दी गई थी। साथ ही I&B मंत्रालय को कहा गया था कि वह एक घंटे के दौरान राष्ट्रपति के हाथों जिन लोगों पुरस्कृत करवाना चाहते हैं उनकी एक लिस्ट भी फाइनल कर लें।
इसके बाद एक मई को I&B सचिव एनके सिन्हा ने राष्ट्रपति भवन आकर राष्ट्रपति सचिव संजय कोठारी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सिन्हा अपने साथ उन 11 लोगों की लिस्ट भी लाए थे जिन्हें राष्ट्रपति को पुरस्कृत करना था। जिसके बाद दोनों सचिव 3 मई के समारोह के पूरे कार्यक्रम को फाइनल करने के बाद राष्ट्रपति कोविंद से मिलने गए। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं था कि मंत्रालय को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
गौरतलब है कि इस पर राष्ट्रपति भवन के सूत्रों ने कहा था कि, राष्ट्रपति कोविंद प्रोटोकॉल के अनुसार किसी भी कार्यक्रम को सिर्फ एक घंटे का समय देते हैं। इस दौरान यदि वे सभी पुरस्कृत लोगों को खुद सम्मानित न कर पाए तो शेष पुरस्कार केंद्रीय एंव सूचना प्रसारण मंत्री
स्मृति ईरानी देंगी। वहीं राष्ट्रपति के मीडिया सलाहकार अशोक मलिक का कहना है कि पद ग्रहण करने के बाद से वह प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।