अपने दोस्त से मिलते हुए राष्ट्रपति
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोस्ती की एक शानदार मिसाल पेश करते हुए, अपने दोस्त को भीड़ से बुलाकर मुलाकात की। दरअसल, रविवार को राष्ट्रपति कोविंद ओडिशा के उत्कल विश्वविद्यालय के 'प्लेटिनम जुबली समारोह' में शिरकत करने पहुंचे थे। राष्ट्रपति के आने की सूचना मिलने पर दर्शकों की भारी भीड़ वहां पहुंची। ऐसे में मंच पर मौजूद राष्ट्रपति कोविंद ने उस भीड़ में बैठे अपने एक 12 साल पुराने दोस्त को देखा, जिससे मिलने के लिए उन्होंने प्रोटोकॉल भी भुला दिया।
दोस्त को सफेद पगड़ी से पहचाना
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने अपने इस 12 साल पुराने दोस्त को भीड़ में सिर्फ एक सफेद रंग पगड़ी से पहचाना। फिर उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से गुजारिश की कि कार्यक्रम के समापन के बाद वह उनके मित्र को मंच पर ले आएं। जब दोनों मिलें, तो उन्होंने एक-दूसरे को गले से लगा लिया। दोनों मित्र एक लंबे अरसे बाद मुलाकात कर रहे थे, तो साथ में कुछ तस्वीरें भी खिंचवाई।
दो साल तक साथ किया काम
बताया गया कि राष्ट्रपति के दोस्त का नाम बीरभद्र सिंह है। बीरभद्र सिंह साल 2000 से 2006 तक राज्यसभा में एससी/एसटी कमेटी के सदस्य के तौर पर काम किया। उस दौरान राष्ट्रपति कोविंद भी इसके सदस्य थे। दोनों मित्रों ने कम से कम दो वर्षों तक साथ काम किया है। ओडिशा के पूर्व राज्यसभा सदस्य बीरभद्र सिंह कहते हैं कि वो राष्ट्रपति से 12 साल बाद मिल रहे हैं। लेकिन उनका मिलने का अंदाज पहले जैसा ही था। वह राष्ट्रपति के इस व्यवहार से बेहद खुश थे।