7वें वेतन आयोग की सिफारिशें सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में इजाफे की सौगात लाईं, तो वहीं राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के लिए भी यह मौका सुनहरा साबित हो सकता है। मजबूरी में ही सही, इनकी सैलरी में भी डेढ़-दो लाख तक का इजाफा हो सकता है। ये बात हैरत में डालती है, लेकिन सच है। दरअसल, वेतन आयोग की सिफारिशों के चलते कैबिनेट सचिव की सैलरी राष्ट्रपति से भी ज्यादा हो गई है। कैबिनेट सचिव की लेटेस्ट सैलरी राष्ट्रपति से एक लाख रुपए ज्यादा है।
यह देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और राज्यपालों की सैलरी में जरूरी बदलाव की दिशा में काम कर रहा है।
मौजूदा वक्त में राष्ट्रपति को हर महीने डेढ़ लाख रुपए सैलरी मिलती है। उपराष्ट्रपति की सैलरी सवा लाख रुपए महीना है। वहीं, राज्यपाल को एक लाख दस हजार रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता है।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद शीर्ष ब्यूरोक्रेट यानी कैबिनेट सचिव की सैलरी ढाई लाख रुपए महीना हो गई है, जबकि गृह सचिव की सैलरी दो लाख पच्चीस हजार रुपए महीना है।