World Tuberculosis Day: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि तपेदिक (टीबी) ने दुनिया भर में लाखों लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने सभी हितधारकों से अपील की कि वे मिलकर काम करें ताकि भारत को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि टीबी (क्षय रोग) ने दुनिया भर में करोड़ों लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने सभी लोगों से मिलकर काम करने की अपील की ताकि भारत को टीबी-मुक्त बनाया जा सके। विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत किए गए संयुक्त प्रयासों से देश में टीबी के मामलों में कमी आई है।
सभी हितधारक मिलकर काम करें- राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, 'मैं सभी हितधारकों और लोगों से अपील करती हूं कि वे मिलकर काम करें और भारत को टीबी-मुक्त बनाएं।' राष्ट्रपति ने टीबी को एक राष्ट्रीय और वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि यह बीमारी न केवल सेहत पर असर डालती है बल्कि लोगों के जीवन और आजीविका को भी प्रभावित करती है।
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'पूरी दुनिया को एकजुट होकर काम करना होगा'
इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस साल के विश्व क्षय रोग दिवस की थीम 'हां, हम टीबी को खत्म कर सकते हैं: संकल्प लें, निवेश करें और पूरा करें' इस बात को दर्शाती है कि टीबी को खत्म करने के लिए पूरी दुनिया को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और जागरूकता अभियानों के कारण भारत में टीबी के मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
भारत सरकार भी 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस दिशा में कई योजनाएं और स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।