देश की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जब संसद भवन के सेंट्रल हाल में शपथ ले रही थीं, तो यहां से तकरीबन दो हजार किलोमीटर दूर ओडिशा के जनजातीय इलाके वाले जिले मयूरभंज में मेला लगा हुआ था। इस जिले के उपरबेडा गांव और रायरंगपुर कस्बे में लोगों का हुजूम लगा हुआ था। यह हुजूम सिर्फ इस जिले के लोगों का नहीं बल्कि उड़ीसा के अलग-अलग जिलों से पहुंच रहे उन लोगों का था, जो देश की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के घर को देखना चाहते थे। लोग राष्ट्रपति के पड़ोसियों से मिलने के लिए आतुर थे। वे देखना चाहते थे वह घर और स्कूल, जहां पर वह पली बढ़ीं और पढ़ाई की। रायरंगपुर कस्बे के प्रशासनिक अधिकारियों ने अमर उजाला डॉट कॉम से बातचीत में इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि बीते कुछ दिनों से राष्ट्रपति मुर्मू के गांव और कस्बे में न सिर्फ उनके राज्य बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी कई लोग लगातार यहां पर पहुंच रहे हैं। इसके लिए बकायदा प्रशासन ने पुलिस और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के इंतजाम किए हैं।
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से तकरीबन ढाई सौ किलोमीटर दूर मयूरभंज जिला है। इसी जिले में एक गांव है उपरबेड़ा। यह गांव बीते कुछ दिनों से ओडिशा के एक बड़े पर्यटन स्थल के तौर पर सामने उभरकर आया है। मयूरभंज जिले के रायरंगपुर कस्बे के राजस्व अधिकारी समीर दास ने बताया कि बीते कुछ दिनों से यहां पर लोगों का आना-जाना ज्यादा बढ़ गया है। वह कहते हैं सिर्फ रायरंगपुर ही नहीं बल्कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गांव उपरबेड़ा में भी दूर-दूर से आने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। राष्ट्रपति के गांव और कस्बे में आ रहे लोगों की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने पुलिस के साथ-साथ यातायात पुलिस के भी बेहतर बंदोबस्त कर दिए थे, ताकि लोगों को कोई परेशानी ना हो। रायरंगपुर में रहने वाली अनुसिया टूडू खुद को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का रिश्तेदार बताती हैं। वह कहती हैं कि बीते कुछ दिनों से उनके गांव में आने वालों की संख्या अचानक से बढ़नी शुरू हो गई है। वह कहती हैं कि यहां आने वाले लोग न सिर्फ उनका पुश्तैनी घर और स्कूल देखते हैं बल्कि रायरंगपुर के उस मकान को भी देखते हैं जहां से द्रौपदी मुर्मू ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।
रायरंगपुर के रहने वाले अशोक सतपति कहते हैं कि आदिवासी इलाके होने के चलते यह जगह राजनीतिक रूप से तो मजबूत जरूर मानी जाती रही है, लेकिन जब से द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित हुई हैं तब से यहां पर भीड़ बढ़ने लगी है। यहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि सोमवार को जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद भवन में शपथ ले रही थीं, तो यहां पर टीवी स्क्रीन के माध्यम से लोगों को शपथ ग्रहण का लाइव समारोह दिखाने का भी आयोजन किया गया था। अशोक कहते हैं कि गांव में इस वक्त एक मेले जैसा माहौल बना हुआ है।
इस इलाके के रहने वाले देवव्रत रथ का कहना है कि सोमवार को दिल्ली में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए उनके गांव और कस्बे के कुछ लोग दिल्ली गए हुए हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि यह लोग शपथ ग्रहण समारोह में शामिल तो नहीं हो सकेंगे, लेकिन उनकी पूरी कोशिश होगी कि कुछ दिन वहां रुक कर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर वापस आ जाएं। दिल्ली आने वालों में इलाके के कुछ पूर्व काउंसलर भी हैं, जो कि द्रौपदी मुर्मू के साथ नगर पंचायत में हुआ करते थे।