राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि लोगों को डिजिटल उपकरणों के बारे में जागरूक करना बहुत जरूरी है, ताकि वे अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश में बढ़ते ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी के मामलों पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरणों को लेकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की सख्त जरूरत है। राष्ट्रपति ने यह भी सुझाव दिया कि फाइनेंसियल लिटरेसी यानी वित्तीय साक्षरता को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। वह शुक्रवार को भुवनेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रही थीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई गंवा रहे हैं।
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राष्ट्रपति ने कहा, "ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के कारण लोग अपनी जीवन भर की कमाई खो सकते हैं। इससे उन्हें मानसिक और सामाजिक पीड़ा भी झेलनी पड़ती है।" उन्होंने आगे कहा कि दूर-दराज, आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में ऐसे कई नागरिक हैं, जो डिजिटल उपकरणों से ज्यादा परिचित नहीं हैं।
जागरूकता फैलाने की जरूरत
ओडिशा सरकार के ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के साथ मिलकर आयोजित 'ब्लैक स्वान समिट' में राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए लोगों को सतर्क और जागरूक बनाना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच जागरूकता लाना करने की बहुत जरूरत है।
धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार के कदम
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों को रोकने और रिपोर्ट करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर, सिटिजन फाइनेंसियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम और साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर जैसी पहलों का जिक्र किया।