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President Odisha Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ओडिशा दौरा का तीसरा दिन, जगन्नाथ मंदिर में किया दर्शन

Wed, 04 Feb 2026 11:28 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ओडिशा दौरे का तीसरा दिन है। आज उन्होंने पुरी में पिंड दान किया। इसके साथ ही उन्होंने जगन्नाथ मंदिर का दर्शन किया। 
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : एक्स @rashtrapatibhvn)
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विस्तार
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के दौरे पर हैं। उन्होंने बुधवार की सुबह पुरी में प्रतिष्ठित 'स्वेता गंगा' तालाब में पिंड दान अनुष्ठान किया। इसके बाद उन्होंने जगन्नाथ मंदिर के दर्शन किये। पुरी के लोक भवन में रात बिताने के बाद, राष्ट्रपति मुर्मू अपनी यात्रा के तीसरे दिन सुबह 7 बजे श्वेता गंगा पहुंचीं। उन्होंंने यहां अपने पूर्वजों की आत्माओं के उद्धार के लिए अनुष्ठान किया।

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जगन्नाथ मंदिर का किया दर्शन
अनुष्ठानों के बाद, राष्ट्रपति सुबह 7.40 बजे 12वीं शताब्दी के मंदिर के सिंहद्वार पहुंचीं। वहां उनका स्वागत पुरी के नाममात्र के राजा, गजपति मगराजा दिब्यसिंह देब ने किया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाधी भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर मंदिर में आम जनता का प्रवेश वर्जित था। राष्ट्रपति मुर्मूअपने परिवार के साथ धुकुड़ी द्वार (दक्षिणी द्वार) के माध्यम से मंदिर के गर्भगृह गईं। यहां उन्होंने भाई-बहन देवताओं - भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन किए।पधी ने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद मुर्मू की यह मंदिर की चौथी यात्रा थी।
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पुरी शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई
उन्होंने कहा, "उन्होंने गर्भगृह में प्रार्थना की, दीये का अर्पण किया और मंदिर परिसर में स्थित मां बिमला और मां लक्ष्मी के दर्शन किए। राष्ट्रपति की इच्छा की पूर्ति के लिए प्रशासन द्वारा मंदिर के शीर्ष पर ध्वज ('पतितापबन बाना') फहराया गया।" अपने दर्शन के बाद राष्ट्रपति मंदिर के सामने जमा हुए लोगों के पास गईं और उनसे बातचीत की। राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा के लिए मंदिर और पुरी शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंदिर प्रशासन ने मुर्मू को एक खंडुआ (पवित्र वस्त्र) और एक पटाचित्र भेंट किया। राष्ट्रपति मुर्मू आज बाद में अपने पैतृक स्थान, मयूरभंज जिले के रायरांगपुर जाने वाली हैं।

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