राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारत तकनीक-आधारित विकास की ओर बढ़ रहा है और युवाओं के लिए जरूरी है कि वे उन्नत तकनीकी कौशल अपनाएं। उन्होंने भारतीय कौशल विकास, सांख्यिकीय और इंजीनियरिंग सेवा के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल, ज्ञान और सटीक डेटा किसी भी देश की प्रगति की कुंजी हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि भारत तकनीक-आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऐसे समय में युवाओं के लिए जरूरी है कि वे उन्नत तकनीकी कौशल को अपनाएं और समय के साथ खुद को ढालें। उन्होंने कहा कि कौशल और ज्ञान किसी भी देश की आर्थिक वृद्धि और सामाजिक प्रगति के असली इंजन होते हैं।
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राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में भारतीय कौशल विकास सेवा (आईएसडीएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिन देशों के पास अत्यधिक प्रशिक्षित कार्यबल होता है, वे वैश्विक चुनौतियों का बेहतर सामना कर पाते हैं और विकास के नए अवसरों का लाभ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को “विश्व की स्किल कैपिटल” बनाने में प्रशिक्षु अधिकारियों की भूमिका अहम होगी।
सांख्यिकीय सेवा की भूमिका
इस अवसर पर भारतीय सांख्यिकीय सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से भी मुलाकात हुई। राष्ट्रपति ने कहा कि नीतियों के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सटीक सांख्यिकीय विश्लेषण बेहद जरूरी है। आज के डेटा-आधारित दौर में सांख्यिकी का महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सही और मापने योग्य संकेतक ही शासन को मजबूत और पारदर्शी बना सकते हैं।
इंजीनियरिंग सेवा पर विचार
राष्ट्रपति ने केंद्रीय इंजीनियरिंग सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियर किसी भी देश की तकनीकी प्रगति और आर्थिक विकास के अहम स्तंभ होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दे रही है, ऐसे में इंजीनियरों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने साथ ही सतत विकास की दिशा में भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
डिजिटल बदलाव और पारदर्शिता
मुर्मू ने कहा कि भारत सामाजिक-आर्थिक और डिजिटल परिवर्तन के नए युग में प्रवेश कर चुका है। नई तकनीकों के अपनाए जाने से शासन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है। ये तकनीकी पहलें लगातार डेटा उपलब्ध कराती हैं, जिससे सरकार को बेहतर और प्रभावी निर्णय लेने में मदद मिलती है।
समाज के वंचित वर्गों पर फोकस
राष्ट्रपति ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे हमेशा समाज के सबसे वंचित तबके की प्रगति को ध्यान में रखकर काम करें। उन्होंने कहा कि आप जो निर्णय लेंगे, जिन मूल्यों का पालन करेंगे और जिस समर्पण से काम करेंगे, वही लोगों के जीवन पर असर डालेगा। मुर्मू ने कहा कि जुनून और ईमानदारी के साथ काम कर आप भारत को समावेशी, विकसित और विश्व में मजबूती का प्रतीक बना सकते हैं।