फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Defence: देश में ही हॉवित्जर तोपों को बनाने की तैयारी, विकसित होंगी 105 मिमी और 155 मिमी की आर्टिलरी तोपें

Thu, 03 Oct 2024 06:44 PM IST
बशु जैन डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड अगली पीढ़ी की आर्टिलरी गनों को डेवलप करने और साथ मिलकर प्रोडक्शन करने के लिए अमेरिकी रक्षा कंपनियों, एएम जनरल और मैंडस ग्रुप के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगी।
विज्ञापन
हॉवित्जर तोप। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र में एनडीए सरकार के मेक इन इंडिया प्रोग्राम के 10 साल पूरे होने पर अगली पीढ़ी की 105 एमएम और 155 एमएम की आर्टिलरी तोपों को देश मे ही बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। रक्षा उत्पाद बनाने वाली कंपनी भारत फोर्ज की 100 फीसदी स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कल्याणी स्ट्रेटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड अगली पीढ़ी की आर्टिलरी गनों को डेवलप करने और साथ मिलकर प्रोडक्शन करने के लिए अमेरिकी रक्षा कंपनियों, एएम जनरल और मैंडस ग्रुप के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगी।

विज्ञापन


एक्सचेंज फाइलिंग में भारत फोर्ड कंपनी ने कहा है कि नए विकसित हो रहे युद्ध परिदृश्य में आधुनिक सेनाओं की जरूरतें बदल रही हैं। सेनाओं को अगली पीढ़ी की 105 मिमी और 155 मिमी आर्टिलरी गन प्लेटफार्मों की जरूरत है, जो कॉम्पैक्ट, मजबूत, हल्के वजन, मोबाइल और सभी मौसम और सभी इलाकों में काम करने वाली हों। इन्हें एएम जनरल और मैंडस ग्रुप के साथ सहयोग करके विकसित किया जाएगा। अगली पीढ़ी की आर्टिलरी हॉवित्जर तोपों में विध्वंसक तकनीक, रेस्पॉन्सिव और सर्वाइवल फायर, परिवहन क्षमता के अलावा अतिरिक्त मारक क्षमता होगी। वहीं इसमें कम चालक दल की जरूरत होगी। नए 105-मिमी और 155-मिमी हॉवित्जर हल्के और मॉड्यूलर रहते हुए भी मारक क्षमता औेर गतिशीलता प्रदान करेंगे।

भारत फोर्ज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बाबा कल्याणी ने कहा, इस रणनीतिक सहयोग का उद्देश्य इनोवेटिव और वर्सेटाइल विपन सिस्टम का साथ मिल कर विकसित करना और उसका उत्पादन करना है। ताकि एडवांस मोबाइल आर्टिलरी क्षमताएं को विकसित किया जा सके। एएम जनरल एक इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है जो सैन्य और वाणिज्यिक जरूरतों के लिए विशेष वाहन उपलब्ध कराती है। वहं, मैंडस ग्रुप आर्टिलरी सॉल्यूशंस, लॉजिस्टिक, सपोर्ट और रिपेयर में नामी कंपनी है। 
विज्ञापन


एनडीए सरकार के 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम की 10वीं वर्षगांठ पर 'एक्स' पर लिखी एक पोस्ट में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का रक्षा उत्पादन 2023-24 में में 1.27 लाख करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया है और अब 90 से अधिक मित्र देशों को हथियार और सैन्य हार्डवेयर निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाएं अब देश की धरती पर बने हथियारों और प्लेटफार्मों का इस्तेमाल कर रहे हैं और ग्लोबल डिफेंस टेक्नोलॉजी में देश आगे बढ़ रहा है। भारत का रक्षा निर्यात 2023-24 में पहली बार 21,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है और रक्षा मंत्रालय ने इसे अगले पांच सालों में 50,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है। 

बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े हथियारों आयातकों वाले देशों में से एक है। वहीं सरकार विदेश से हथियार आयात को कम करना चाहती है, जिसके चलते सरकार ने घरेलू स्तर पर ही मैन्युफैक्चरिंग करने का लक्ष्य तय किया है। रक्षा मंत्रालय ने अगले पांच वर्षों में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग 1.75 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें