रक्षा सौदों के बिचौलिए और भगोड़े संजय भंडारी के ब्रिटेन में शरण मांगने की सूचनाओं के बीच सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह सुनवाई अगले महीने ब्रिटेन में होगी।
सीबीआई ने भंडारी को रॉबर्ट वाड्रा के लिए बेनामी संपत्ति खरीद के लिए भी जांच के दायरे में रखा है। ईडी का दावा है, भंडारी ने ही वाड्रा की ओर से लंदन में संपत्तियां खरीदीं। विदेश मंत्रालय के साथ साझा टीम भंडारी के खिलाफ सुबूतों व दस्तावेजों को मजबूती से पेश करने की तैयारी कर रही है।
भारत में भंडारी गोपनीयता उल्लंघन कानून में वांटेड है। उस पर काला धन सफेद करने और टैक्स चोरी के मामले भी हैं, जिन आधार पर प्रत्यर्पण की अपील हुई। फिलहाल वह ब्रिटिश कोर्ट से जमानत पर है। यूपीए सरकार के कुछ रक्षा सौदों में करोड़ाें की रिश्वत से भंडारी के संबंध जानने के लिए भी प्रत्यर्पण जरूरी है। इन सौदों के लिए उसके बैंक खातों में करोड़ों रुपया भेजा गया था। भंडारी ने फ्रांसीसी कंपनी थेल्स पर 90 करोड़ का कमीशन न चुकाने का केस भी किया है।