एहतियाती खुराक के जरिये कोरोना वायरस के घातक स्वरूप एक्सई वैरिएंट का प्रसार रोका जा सकता है। इसलिए सरकार से अनुमति मिलने के बाद रविवार से पूरे देश में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की आबादी को एहतियाती खुराक मिलना शुरू भी हो चुका। हालांकि टीके की पुरानी कीमत को लेकर फॉर्मा कंपनियों और प्राइवेट अस्पतालों के बीच बातचीत सफल न होने की वजह से देश के अधिकांश शहरों में एहतियाती खुराक का टीकाकरण पहले दिन सुस्त रहा।
इन्साकॉग के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि गुजरात और महाराष्ट्र दोनों जगह एक्सई वैरिएंट मिला है। आगामी दिनों में यह वैरिएंट दूसरे राज्यों में भी मिल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना टीकाकरण पर अधिक जोर दिया जाए क्योंकि इसी के दम पर देश ने ओमिक्रॉन की लहर को काफी कमजोर किया था।
उन्होंने बताया कि अलग-अलग वैज्ञानिक समितियों की सिफारिश के बाद सरकार ने एहतियाती खुराक को अनुमति दी। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अब तक देश में एक्सई वैरिएंट मिलने की पुष्टि नहीं की गई है।
तीन दिन पहले महाराष्ट्र में एक्सई वैरिएंट का मामला सामने आया था, जिससे इन्साकॉग ने साफ इनकार कर दिया, लेकिन इसके बाद गुजरात और फिर महाराष्ट्र में और केस सामने आए हैं। इस पर अभी तक केंद्र की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
दूसरे देशों पर भी पैनी नजर रख रहा भारत
वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, कोरोना संक्रमण का अभी वैश्विक रूप देखने को नहीं मिल रहा है। कुछ देशों में वायरस के नए वैरिएंट आक्रामक दिखाई दे रहे हैं।
गौर करने वाली बात है कि इनमें वे देश भी शामिल हैं जहां अब तक टीकाकरण पूरा नहीं हुआ है। जबकि भारत की स्थिति इनसे काफी अलग है। इसलिए वैज्ञानिकों की पूरी टीम दूसरे देशों की स्थिति पर लगातार नजर भी रख रही है और देश में जीनोम सीक्वेंसिंग पर भी ध्यान है।
उन्होंने आशंका जताई है कि जिस तरह की छूट और दिल्ली जैसे महानगर में कोविड सतर्कता नियमों का पालन करने में लापरवाही देखने को मिल रही है, उसकी वजह से संक्रमण प्रसार को मदद मिल सकती है।
1054 नए मामले सामने आए
आंकड़ों के अनुसार, रविवार को देश में कोरोना के 1,054 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 29 मरीजों की मौत हुई। वहीं 1258 मरीजों को छुट्टी दी गई। देश में फिलहाल सक्रिय मरीजों की संख्या 11,132 है। इसके अलावा देश में दैनिक संक्रमण दर 0.25 फीसदी और साप्ताहिक संक्रमण दर 0.23 फीसदी दर्ज की गई है।
कोरोना कहीं गया नहीं, बदल रहा स्वरूप और फिर उभर सकता है: मोदी
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस कहीं गया नहीं है और बार-बार स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि कोरोना महामारी के खिलाफ संघर्ष में अपने सुरक्षा उपायों को भूले नहीं क्योंकि किसी को नहीं पता कि ‘बहुरूपिया’ कोविड-19 कब उभर आए।
उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए वैक्सीन की करीब 185 करोड़ डोज लोगों को लगाई जा चुकी है। इससे दुनिया अचंभित है पर यह सब जनता की मदद से संभव हुआ है। गुजरात के जूनागढ़ में एक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उन्होंने कहा कि कोरोना बहुत बड़ा संकट था और अब भी हम नहीं कह रहे हैं कि संकट खत्म हो चुका है। इसने थोड़ा से ठहराव लिया है लेकिन हमें नहीं पता कि कब यह उभर आएगा। यह ‘बहुरूपिया’ बीमारी है।