केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी
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तय समय से पहले मानसून सत्र को खत्म किए जाने पर उठे विपक्ष के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सफाई दी है। उन्होंनें मंगलवार को कहा कि संसद का मानसून सत्र चार नहीं बल्कि दो दिन पहले स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सहित सभी सांसदों से इस विषय पर चर्चा और उनके अनुरोध के बाद ही यह फैसला किया गया। गौरतलब है कि इस मामले में TMC के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने मोदी सरकार पर हमला किया था। उन्होंने कहा था कि वह संसद में चर्चा से भाग रही है, इसलिए वह मानसून सत्र को छोटा करना चाहती है।
कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला
टीएमसी के अलावा कांग्रेस ने भी मानसून सत्र को तय समय से पहले खत्म करने को लेकर सरकार पर हमला बोला था। कांग्रेस ने मानसून सत्र को 'बेहद निराशाजनक बताते हुए सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार को 12 अगस्त की निर्धारित तिथि तक संसद की कार्यवाही चलाने की भूख नहीं है।
टीएमसी नेता ने खड़े किए थे सवाल
वहीं, टीएमसी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने हाल ही में ट्वीट किया था कि 'संसद मार्ग पर चर्चा है कि सरकार मानसून सत्र को छोटा करने और इसे 12 अगस्त के बजाय आठ अगस्त को खत्म करने की इच्छुक है, ये गलत बात है।' इससे पहले राज्यसभा में बोलते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा था कि मोदी सरकार संसद से भाग रही है? उन्होंने बीते साल का हवाला देते हुए भी कहा कि सरकार ने कोविड महामारी और कई अन्य कारणों से तीनों सत्रों के समय में कटौती की थी। इसके अलावा इस साल भी बजट सत्र में कटौती की गई थी।
संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दिया जवाब
इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके सफाई और विपक्ष को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का एजेंडा केवल सदन में व्यवधान पैदा करना और कार्यवाही का बहिष्कार करना था।
विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री जोशी ने कहा कि मानसून सत्र चार दिन पहले स्थगित नहीं किया गया, जैसा कि दावा किया जा रहा है। इसे निर्धारित समय से केवल 2 दिन पहले स्थगित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय विपक्ष सहित सांसदों के अनुरोध पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष ध्यानाकर्षण, नियम 377, शून्यकाल और प्रश्नकाल के जरिए कोई भी मुद्दा उठा सकता था, लेकिन मूल्य वृद्धि पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया।