संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के पोते और पूर्व सांसद प्रकाश अंबेडकर ने आरोप लगाया कि एल्गार परिषद मामले में उनकी बहन रमाताई के पति आनंद तेलतुंबडे को केंद्र सरकार की शह पर फंसाया जा रहा है। जबकि तेलतुंबडे का कोई ऐसा इतिहास नहीं कि वह एल्गार परिषद से जुड़े हों, बल्कि उन्होंने अपने लेखों के माध्यम से परिषद की प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े किए हैं।
प्रकाश ने आनंद की अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद शनिवार को दिल्ली में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाते हैं। तेलतुंबडे पेट्रोलियम इंडस्ट्री में सरकारी उपक्रमों में सदैव बड़े पदों पर रहे हैं। ऐसे में उन पर देश के विरुद्ध काम करने और पीएम की हत्या की साजिश जैसे आरोपों के संदर्भ में पूछताछ करना उनके सांविधानिक अधिकारों का हनन है।
तेलतुंबडे इस मामले में गिरफ्तार 9 लोगों के अलावा उन छह लोगों में हैं, जिन पर भीमा कोरेगांव में हिंसा फैलाने के लिए उकसाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इस मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा जांच (एनआईए) कर रही है।