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Maharashtra: एनसीपी में मचा घमासान, प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार की बैठक पर उठाए सवाल, बोले- NCP हमारी पार्टी

Fri, 07 Jul 2023 07:36 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

प्रफुल्ल पटेल ने शुक्रवार को सवाल खड़े कर दिए उन्होंने कहा कि गुरुवार को दिल्ली में शरद पवार द्वारा आयोजित राकांपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आधिकारिक नहीं थी। पार्टी का संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण है।
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प्रफुल्ल पटेल (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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विस्तार
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महाराष्ट्र में इन दिनों राजनीति लगातार करवट बदल रही है। सियासी संकट के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने गुरुवार को दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई। जिसको लेकर राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने शुक्रवार को सवाल खड़े कर दिए उन्होंने कहा कि गुरुवार को दिल्ली में शरद पवार द्वारा आयोजित राकांपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आधिकारिक नहीं थी। पार्टी का संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण है।

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वहीं अजित पवार का गुट भी एनसीपी पर अपना दावा कर रहा है। वहीं राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी टूटी नहीं है और 30 जून को विधायकों, पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से अजित पवार को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किया है। आगे कहा कि अजित पवार को सर्वसम्मति से एनसीपी का अध्यक्ष चुना है। ये बगावत नहीं है बल्कि साफ-साफ दिख रहा है कि पार्टी के ज्यादातर लोग अजित पवार के पीछे खड़े हैं।

आगे प्रफुल्ल पटेल ने कहा का यह भारत का चुनाव आयोग तय करेगा कि राजनीतिक दल किसका है। लेकिन बता दें कि एनसीपी पार्टी हमारी है। इस कारण पार्टी का सिंबल और इससे जुड़े सभी अधिकार मिलने चाहिए। हमने चुनाव आयोग से भी ये ही मांग की है। उन्होंने कहा कि एनसीपी की दिल्ली में गुरुवार की हुई मीटिंग कोई अधिकृत बैठक नहीं थी।
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एनसीपी में घमासान 
बता दें, एनसीपी पर कब्जे के लिए पहले शक्ति परीक्षण में अजित पवार ने बढ़त हासिल की है। दो जुलाई को एनसीपी दोफाड़ होने के बाद बुधवार को दोनों गुटों ने अपनी ताकत दिखाने के लिए अलग-अलग बैठकें कीं। अजित गुट की बैठक में एनसीपी के कुल 53 में से 32 विधायक शामिल हुए। वहीं, शरद पवार गुट की बैठक में 16 विधायक, तीन विधान परिषद सदस्य और चार सांसद शामिल हुए। पार्टी और चुनाव चिह्न पर दावेदारी को लेकर दोनों गुट चुनाव आयोग पहुंचे हैं। अजित गुट ने अपने समर्थन में 40 से अधिक विधायकों व सांसदों के हलफनामे दिए हैं।

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