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MNRE: सचिव भल्ला ने कहा- सरकार हरित हाइड्रोजन के उपयोग पर ला सकती है दिशा-निर्देश; कुशल बल पर हो रहा काम

Fri, 07 Jul 2023 07:19 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) में सचिव भूपिंदर सिंह भल्ला ने कहा, हरित हाइड्रोजन के उपयोग संबंधी दिशा-निर्देश लाने का प्रावधान हाइड्रोजन मिशन में भी है। ऊर्जा संरक्षण अधिनियम में संशोधन के बाद उसमें यह कानूनी प्रावधान किया गया है कि निर्धारित होने पर अनिवार्यता का पालन किया जाए।
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नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा सचिव भूपिंदर सिंह भल्ला। - फोटो : PIB
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विस्तार
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सरकार देश में हरित हाइड्रोजन के इस्तेमाल के बारे में कानूनी प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए एक दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) में सचिव भूपिंदर सिंह भल्ला ने शुक्रवार को यहां अंतरराष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी राष्ट्रीय राजधानी में ग्रीन हाइड्रोजन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICGH-2023) को संबोधित कर रहे थे। तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन शुक्रवार को हुआ।

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उन्होंने कहा कि कुल मांग को पूरा करने के लिए सरकार देश में हरित हाइड्रोजन के उपयोग पर एक आदेश जारी कर सकती है। उन्होंने कहा, हरित हाइड्रोजन के उपयोग संबंधी दिशा-निर्देश लाने का प्रावधान हाइड्रोजन मिशन में भी है। ऊर्जा संरक्षण अधिनियम में संशोधन के बाद उसमें यह कानूनी प्रावधान किया गया है कि निर्धारित होने पर अनिवार्यता का पालन किया जाए। हालांकि, भल्ला ने हरित हाइड्रोजन के अनिवार्य इस्तेमाल संबंधी प्रावधान के बारे में पूछे जाने पर कहा कि सरकार ने अभी तक इस अनिवार्यता के बारे में कुछ तय नहीं किया है।


उन्होंने कहा कि सरकार पहले हरित हाइड्रोजन की आने वाली मांग, उसकी आपूर्ति के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता और अन्य पहलुओं पर गौर कर रही है। इस बारे में संबंधित मंत्रालयों और क्षेत्रों के साथ परामर्श प्रक्रिया जारी है। भल्ला ने कहा कि हाइड्रोजन मिशन के तहत वर्ष 2030 तक होने वाले कुल हरित हाइड्रोजन उत्पादन का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा निर्यात किया जाएगा।

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भल्ला ने कहा कि सम्मेलन में एक गोलमेज बैठक के दौरान निर्यात संबंधी विषयों पर भी चर्चा की गई। यूरोपीय संघ के साथ सिंगापुर, कोरिया और जापान ने गोलमेज बैठक में भाग लिया। सत्र में इन देशों के प्रतिनिधियों, भारत सरकार के अधिकारियों और उद्योग जगत के कारोबारियों ने भाग लिया। जनवरी 2023 में केंद्र ने भारत को हरित हाइड्रोजन के निर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी थी।

इस मिशन का लक्ष्य 2030 तक देश में लगभग 125 गीगावाट की संबद्ध नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता वृद्धि के साथ प्रति वर्ष कम से कम पांच एमएमटी (मिलियन मीट्रिक टन) की उत्पादन क्षमता के विकास को बढ़ावा देना है। अधिकारी ने यह भी बताया कि एक अन्य गोलमेज बैठक में विभिन्न उद्योग जगत के कारोबारियों, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न तटीय राज्यों के अधिकारियों ने भाग लिया। सचिव ने कहा, 1,500 की उम्मीद के विपरीत कार्यक्रम में 2,700 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने आगे कहा कि सरकार हरित हाइड्रोजन में सुचारू परिवर्तन के लिए कार्यबल को कुशल बनाने और पुन: कुशल बनाने पर भी काम कर रही है।

बैठक में अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे हाइड्रोजन परियोजनाओं के हरित वित्त, इसके भंडारण, परिवहन, कोड, ढांचे, अनुसंधान और विकास से संबंधित विषयों और पायलट परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। 

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक (आरएंडडी) एसएसवी रामकुमार ने कहा कि आईओसीएल दिल्ली और एनसीआर में लगभग 15 हाइड्रोजन-आधारित बसें चलाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। सीएसआईआर-राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला के निदेशक आशीष लेले, हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में कुशल कार्यबल पर कुछ कार्यक्रमों पर सरकार के साथ काम कर रहे हैं।

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