मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शाम 5 बजे तक ओडिशा में लोकसभा चुनाव के लिए 62.96% तो आंध्र प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए 68.04 % मतदान हुआ। इसके अलावा, विधानसभा चुनाव के लिए आंध्र प्रदेश में शाम 5 बजे तक 67.99 % मतदान हुआ तो वहीं, ओडिशा में 62.96 प्रतिशत मतदान हुआ।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए चौथे चरण का मतदान आज शाम छह बजे समाप्त हो गया। सोमवार सुबह मतदान शुरू हुए थे। आंध्र प्रदेश की सभी 175 विधानसभा सीटों और 25 लोकसभा सीटों पर मतदान हुआ। वहीं, ओडिशा में चार लोकसभा सीटों (कालाहांडी, नबरंगपुर, बेरहामपुर और कोरापुट) और 28 विधानसभा सीटों के लिए एक साथ चुनाव हुए।
पांच बजे तक हुआ इतना मतदान
जानें आंध्र प्रदेश के बारे में
मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी पुलिवेंडला विधानसभा क्षेत्र से, चंद्रबाबू नायडू कुप्पम विधानसभा क्षेत्र से और पवन कल्याण पिथापुरम विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतरे हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला कडप्पा लोकसभा क्षेत्र से और भाजपा राज्य प्रमुख पुरंदेश्वरी राजमहेंद्रवरम लोकभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतरे हैं। आंध्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एमके मीणा के अनुसार, राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए 454 और विधानसभा चुनाव के लिए 2,387 उम्मीदवार मैदान में थे। राज्य में कुल 4.14 करोड़ मतदाता हैं, जिसमें 2.02 करोड़ पुरुष, 2.1 करोड़ महिलाएं, 3,421 तृतीय-लिंग मतदाता शामिल हैं। 2019 में वाईएसआरसीपी ने 151 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं, टीडीपी ने 23 और जनसेना ने एक सीट विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2019 में टीडीपी ने 22 तो वाईएसआर सीपी ने तीन लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी।
अब जानें, ओडिशा का हाल
ओडिशा में मुख्य मुकाबला भाजपा और बीजद के बीच में है। 21 लोकसभा चुनाव के लिए 37 उम्मीदवार मैदान में हैं तो वहीं 147 विधानसभा सीटों के लिए 243 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक कांटाबांजी और हिन्जिली विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं। वहीं, बीजद के वरिष्ठ नेता जगन्नाथ सारका, राजेंद्र ढोलकिया, ओडिशा कांग्रेस प्रमुख शरत पटनायक और कांग्रेस नेता भक्त चरण दास भी विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। ओडिशा के पहले दौर के चुनाव में कुल 62.87 लाख मतदाता हैं, जिसमें 31.89 लाख महिलाएं और 30.97 लाख पुरुष मतादाता हैं।