पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आश्रय वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र घुसपैठियों और रोहिंग्याओं से सख्ती से निपट रहा है।
केंद्रीय बजट 2024-25 के बाद विपक्ष गठबंधन के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार किया। जिसकी भाजपा ने आलोचना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार किया जो वांछनीय नहीं था। उन्होंने तेलंगाना सीएम को भविष्य में ऐसा न दोहराने की सलाह दी।
वहीं नीति आयोग की बैठक से ममता बनर्जी बाहर चली गई। इस पर प्रल्हाद ने ममता पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ पांच मिनट के बाद बोलने से रोक दिया गया। उन्होंने इंडी गठबंधन और ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विपक्ष बिल्कुल भी गठबंधन नहीं है क्योंकि पश्चिम बंगाल की सीएम ने राज्य में एक भी सीट की पेशकश नहीं की। यहां हर कोई जानता है कि वह कैसे काम करती हैं वे अपने राज्य में कांग्रेस को कितना सम्मान देती हैं। मंत्री यह भी कहा कि सब्जियों और फलों की कीमतें नियंत्रित करने के लिए देश के प्रमुख उपभोग केंद्रों के पास सब्जी उत्पादन के बड़े पैमाने पर क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, "रोहिंग्या या कोई अन्य घुसपैठ, खासकर हमारे सत्ता में आने के बाद, हम बिना मजबूती से इससे निपट रहे हैं। लेकिन आप सीमाओं को भी जानते हैं क्योंकि 70 और 80 के दशक के बाद पिछले कई सालों से ये तुष्टीकरण अपने चरम पर पहुंच गए हैं।"
कोलकाता के एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने हिंसाग्रस्त बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा कि वह पड़ोसी देश से संकट में फंसे लोगों के लिए पश्चिम बंगाल के दरवाजे खुले रखेंगी और उन्हें आश्रय देंगी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, "ममता बनर्जी का हालिया बयान और इस तरह की गतिविधि जटिलताएं बढ़ाएंगी। हालांकि केंद्र सरकार बहुत दृढ़ है। इसको रोकने के लिए सीमा को सील कर दिया गया है, इसके अलावा कई कदम उठाए गए हैं।
प्रह्लाद जोशी ने दयानिधि मारन की टिप्पणी का खंडन किया। दयानिधि मारन ने 2024-25 के बजट की आलोचना करते हुए कहा था कि यह मध्यम वर्ग के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रहा है। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को सबसे अधिक धनराशि, अनुदान सहायता भी मिली है। उन्होंने कहा, "चूंकि उनके पास मोदी सरकार के खिलाफ ऊंची आवाज में बात करने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे ऐसे मुद्दे उठाने की कोशिश कर रहे हैं, जो गैर-मुद्दे हैं।"
वहीं केंद्रीय बजट पर बात करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह प्रगतिशील और विकासोन्मुखी है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार डॉ. स्वामीनाथन की सिफारिशों को लागू कर रही है कि एमएसपी उत्पादन की भारित औसत लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जब यूपीए सत्ता में थी, तो वह ऐसा नहीं कर सकी।
वहीं नीति आयोग की बैठक का रेवंत रेड्डी के बहिष्कार करने पर उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद सभी को राजनीति को अलग रखना चाहिए और विकास के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, "आप तेलंगाना के लोगों को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं, जो आपको नहीं करना चाहिए। मैं रेवंत रेड्डी को सलाह दे रहा हूं कि आगे ऐसा नहीं करें।" उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना में पिछली बीआरएस सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने में विफल रही और उम्मीद जताई कि राज्य में कांग्रेस सरकार इस अवसर का लाभ उठाएगी।