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Politics: इंडिया गठबंधन में बैठक से पहले बढ़ा तनाव, CPIM ने कांग्रेस से मांगा जवाब; डीएमके ने किया बहिष्कार

Sun, 07 Jun 2026 01:14 PM IST
Pavan एएनआई, नई दिल्ली

सार

इंडिया गठबंधन की 8 जून की बैठक से पहले विपक्षी दलों में मतभेद उभर आए हैं। सीपीआईएम ने कांग्रेस पर केरल चुनाव में भाजपा से समझौते के आरोप लगाने का विरोध किया है। वहीं डीएमके ने बैठक का बहिष्कार किया है। भाजपा ने इन घटनाओं को विपक्षी गठबंधन में बढ़ती दरार का संकेत बताया है।
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इंडिया गठबंधन में बैठक से पहले बढ़ रही दरार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की 8 जून को होने वाली बैठक से पहले सहयोगी दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक ओर सीपीआईएम ने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई है, वहीं डीएमके ने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस बीच भाजपा नेताओं ने विपक्षी गठबंधन की एकता पर सवाल उठाए हैं।
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सीपीआईएम महासचिव ने खरगे को लिखा पत्र
सीपीआईएम महासचिव एम ए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होगी और राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास बैठक में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि केरल चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने लगातार यह प्रचार किया कि सीपीआईएम और भाजपा के बीच कोई समझौता है। बेबी ने अपने पत्र में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और खरगे ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच समझौता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप विपक्षी एकता की भावना को कमजोर करते हैं और कांग्रेस को इस पर सफाई देनी चाहिए। बेबी ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन भाजपा के खिलाफ लड़ने के उद्देश्य से बनाया गया था और सीपीआईएम शुरू से इस मंच को मजबूत करने के लिए काम करती रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने RSS और भाजपा के खिलाफ संघर्ष में अपनी जान गंवाई है, इसलिए सीपीआईएम पर भाजपा से समझौते का आरोप लगाना पूरी तरह निराधार है।

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डीएमके नहीं होगी शामिल, TMC से अभिषेक बनर्जी के पहुंचने की चर्चा
दूसरी ओर, तमिलनाडु की प्रमुख पार्टी डीएमके ने भी बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। पार्टी कांग्रेस से नाराज है क्योंकि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन दिया। डीएमके ने इसे विश्वासघात बताते हुए कहा कि उसके कार्यकर्ता अभी भी इस फैसले से आहत हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक हलचल तेज है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर कथित असंतोष और बगावत की खबरों के बीच सांसद अभिषेक बनर्जी के इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने की चर्चा है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने तंज कसते हुए कहा कि जब उनकी अपनी पार्टी उनके साथ नहीं है तो दूसरे कौन साथ देगा।

पंकज चौधरी बोले- धीरे-धीरे टूट जाएगा इंडिया ब्लॉक
भाजपा नेताओं ने विपक्षी गठबंधन की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन आने वाले दिनों में धीरे-धीरे बिखर जाएगा। उन्होंने कहा, 'इंडिया ब्लॉक की बैठक में क्या होगा? डीएमके का बयान दिखाता है कि कांग्रेस ने 40 साल पुराने गठबंधन के साथ विश्वासघात किया है। आप देखेंगे कि इंडिया ब्लॉक धीरे-धीरे टूट जाएगा'। जबकि, तेलंगाना भाजपा प्रवक्ता प्रकाश रेड्डी ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन बिखर रहा है और निकट भविष्य में विपक्षी दलों का एकजुट होना मुश्किल दिखता है। वहीं बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच तालमेल की कमी और अंदरूनी संघर्ष साफ दिखाई दे रहा है।
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कांग्रेस ने भाजपा के सभी आरोपों को किया खारिज
हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा को जवाब देते हुए कहा कि उसे विपक्ष पर टिप्पणी करने से पहले अपने भीतर झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैठक में कौन शामिल होगा और कौन नहीं, इस पर अटकलें लगाने के बजाय बैठक के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इंडिया गठबंधन की यह बैठक हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद विपक्षी रणनीति तय करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लेकिन बैठक से पहले सामने आए मतभेदों ने विपक्षी एकता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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