डीएमके ने टीवीके विधायक एमआर पल्लवी को मानहानि का नोटिस भेजा है। पल्लवी ने आरोप लगाया था कि डीएमके सदस्यों ने सरकार को बदनाम करने के लिए बिजली कटौती करवाई। डीएमके ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए 24 घंटे में माफी मांगने और वीडियो हटाने की मांग की है।
डीएमके ने तिरु वि का नगर निर्वाचन क्षेत्र से टीवीके (TVK) विधायक एमआर पल्लवी को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस उनके उन बयानों के खिलाफ दिया गया है जिनमें उन्होंने बिजली कटौती के लिए विपक्षी दल के सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया था। डीएमके ने इन बयानों को लापरवाह और अपमानजनक बताया है। पार्टी ने विधायक से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।
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यह नोटिस छह जून को डीएमके प्रवक्ता और वकील सरवनन ने जारी किया। इसके साथ ही यूट्यूब (गूगल एलएलसी) के शिकायत अधिकारी को भी नोटिस भेजा गया है। पूरा विवाद विधायक पल्लवी के एक स्थानीय चैनल को दिए गए वीडियो इंटरव्यू से शुरू हुआ। यह इंटरव्यू यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर काफी वायरल हुआ था।
नोटिस के अनुसार, इंटरव्यू के दौरान जब एंकर ने चेन्नई के कोलाथुर और अन्य इलाकों में बार-बार होने वाली बिजली कटौती पर सवाल पूछा, तो पल्लवी ने कई झूठे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हालिया बिजली कटौती के लिए डीएमके सदस्य जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डीएमके सदस्यों ने टीवीके सरकार को बदनाम करने के लिए तमिलनाडु बिजली बोर्ड के अधिकारियों को जानबूझकर रिश्वत दी थी।
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पल्लवी ने यह भी कहा कि रॉयपुरम निर्वाचन क्षेत्र में टीवीके कार्यकर्ताओं ने डीएमके सदस्यों को बिजली कटौती करने के लिए पैसे और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा था। डीएमके ने इन सभी दावों को पूरी तरह से निराधार और बिना किसी सबूत के बताया है। पार्टी का कहना है कि इन आरोपों से उनके ईमानदार कार्यकर्ताओं की छवि खराब हुई है और राजनीतिक दलों के बीच दुश्मनी बढ़ी है। इससे डीएमके सदस्यों की सार्वजनिक छवि को बहुत नुकसान पहुंचा है।
डीएमके ने विधायक और मीडिया हाउस से मांग की है कि वे नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिना शर्त माफीनामा प्रकाशित करें। साथ ही, उस पूरे इंटरव्यू और उससे जुड़ी छोटी क्लिप्स (Shorts) को तुरंत और हमेशा के लिए हटा दें। डीएमके ने चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे संबंधित पक्षों के खिलाफ दीवानी और आपराधिक कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे।