फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एकता दिवस: सरदार वल्लभभाई पटेल को लेकर सियासत, खरगे के बयान पर भाजपा का हमला; जानें किसने-क्या कहा

Fri, 31 Oct 2025 05:39 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sardar Vallabhbhai Patel: सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के मौके पर भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव शुरू हो गया है। एक तरफ जहां बीजेपी ने कांग्रेस पर सरदार पटेल को उचित सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया तो दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सरदार पटेल के हवाले से आरएसएस की आलोचना की।
विज्ञापन
sardar vallabhbhai patel - फोटो : instagram- Statue Of Unity
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूरे देश में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के मौके पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इसी के साथ गुजरात के केवड़िया में इस खास मौके पर गणतंत्र दिवस की तर्ज पर भव्य परेड का आयोजन किया गया। हालांकि इस बीच सरदार पटेल को लेकर सियासत भी जारी है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के बाद अब बीजेपी ने विपक्षी दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने घेरा

विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने भाजपा के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कांग्रेस क घेरा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस का यह काला सच हर देशवासी जरूर पढ़ें.. इतिहासकार रिजवान कादरी ने सच के ऊपर जमी कई परतों को उधेड़कर हमारे सामने सच्चा इतिहास पेश किया है। जिसे कांग्रेस 86 साल तक छिपाए रखी थी। 1939 में, मुस्लिम लीग ने सरदार वल्लभभाई पटेल पर दो घातक हमले करवाए और कांग्रेस ने चुपचाप इस कहानी को दबा दिया। कांग्रेस ने सरदार पटेल को वह सम्मान कभी नहीं दिया जिसके वे अधिकारी थे। कभी उनके साथ खड़ी नहीं हुई। यहां तक कि भारत रत्न देने में भी 41 वर्ष की देरी की।"

बीजेपी ने कांग्रेस पर लगाए सनसनीखेज आरोप
दरअसल, बीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में एक के बाद कई पोस्ट करते हुए कहा कि मुस्लिम लीग ने सरदार पटेल पर दो घातक हमले कराए थे, जिनको कांग्रेस ने 86 साल तक दबाए रखा था। भाजपा ने दावा किया कि 1939 में सरदार पटेल पर हुए मुस्लिम लीग के दो जानलेवा हमलों का सच कांग्रेस ने 86 साल तक दबाए रखा था। इतना ही नहीं आजादी के बाद पाठ्यपुस्तकों से भी इसे हटा दिया गया।

अपने आधिकारिक हैंडल से एक्स पर कई पोस्ट में, भाजपा ने कहा कि हमले की दो घटनाओं में से एक में 57 में से 34 आरोपियों को दोषी ठहराया गया और दो को एक विशेष अदालत ने मौत की सजा सुनाई, जिसमें दो "देशभक्त" सरदार पटेल की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे, जबकि दर्जनों घायल हो गए थे, लेकिन "कांग्रेसी इतिहासकारों" ने इस मामले को पाठ्यपुस्तकों और अभिलेखागार से मिटा दिया।

 

सत्तारूढ़ दल ने कहा, "किसी ने भी मुस्लिम लीग की भूमिका या कांग्रेस की कायरतापूर्ण चुप्पी का उल्लेख करने की हिम्मत नहीं की।" भाजपा के आरोप पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। भाजपा ने सवाल किया कि कांग्रेस ने इस सच को 86 साल तक क्यों छिपाए रखा, जब तक कि इतिहासकार रिजवान कादरी ने इसे उजागर नहीं किया? क्योंकि सच्चाई असहज करने वाली होती है।

दोनों घटनाओं को याद करते हुए भाजपा ने कहा कि जब सरदार पटेल प्रजामंडल आंदोलन के माध्यम से रियासतों को एकजुट कर रहे थे, तब मुस्लिम लीग ने "तुष्टिकरण की राजनीति" से प्रेरित होकर धर्म के नाम पर हिंसा भड़काना शुरू कर दिया और कांग्रेस ने "टकराव के बजाय चुप्पी" को चुना।

खरगे ने सरदार पटेल के बहाने आरएसएस को घेरा

विज्ञापन

इससे पहले राजधानी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर फिर से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इसके पीछे के कारण के लिए उन्होंने कहा कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए आरएसएस संगठन जिम्मेदार है।


इतना ही नहीं उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में NCERT की तीन किताबों से गांधी, गोडसे, RSS, 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े अंश हटा दिए गए हैं। सत्य को NCERT की किताबों से हटाना बहुत बुरी बात है। इससे उनका मंशा का पता चलता है कि किधर उनका झुकाव है। तथ्यों को मिटाने का प्रयास किया गया। वे (भाजपा) हमेशा ऐसा करते रहते हैं। झूठ को सच में तब्दील करने के लिए वे हमेशा ये करते हैं उसमें हमारे देश के प्रधानमंत्री माहिर हैं।

 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें