निवेशकों ने इसलिए पैसा लगाया, क्योंकि उनसे उच्च रिटर्न का वादा किया गया था। कुछ निवेशक ऐसे भी रहे, जिन्हें प्लॉट, फ्लैट और विला चाहिए था। हरियाणा के पंचकूला स्थित अल्केमिस्ट ग्रुप, उसके निदेशकों और प्रमोटरों ने लोगों से झूठे वादे कर 1848 करोड़ रुपए एकत्रित कर लिए।निवेशकों को न तो उच्च रिटर्न मिला और न ही प्लॉट, फ्लैट और विला। दूसरी तरफ अल्केमिस्ट ग्रुप के संचालकों ने निवेशकों के पैसे से खुद के दो अस्पताल बना लिए। इस केस की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने अब बड़ी कार्रवाई की है।
जांच एजेंसी के दिल्ली स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने 30 अक्टूबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत, पंचकूला स्थित करण दीप सिंह के स्वामित्व वाली दो अचल संपत्तियों, अल्केमिस्ट हॉस्पिटल और ओजस हॉस्पिटल, के 127.3 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कुर्की मेसर्स अल्केमिस्ट ग्रुप, उसके निदेशकों, प्रमोटरों और संबंधित संस्थाओं से जुड़ी चल रही धन शोधन जाँच का एक हिस्सा है, जिसमें बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप है।
ईडी ने शुरुआत में कोलकाता पुलिस और बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), एसीबी लखनऊ द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी और 420 के तहत कार्रवाई की है। इसके तहत मेसर्स अलकेमिस्ट टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स अलकेमिस्ट इंफ्रा रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड और अलकेमिस्ट समूह के प्रमोटर/निदेशकों, जिनमें कंवर दीप सिंह और अन्य शामिल हैं, के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की।
यह मामला फर्जी सामूहिक निवेश योजनाओं (सीआईएस) के माध्यम से अवैध रूप से धन जुटाकर, असामान्य रूप से उच्च रिटर्न की पेशकश करके या प्लॉट, फ्लैट और विला आवंटित करने के झूठे वादे करके निवेशकों को धोखा देने के लिए बड़े पैमाने पर आपराधिक साजिश से संबंधित है। इन भ्रामक निवेश योजनाओं के माध्यम से, मेसर्स अलकेमिस्ट होल्डिंग्स लिमिटेड और मेसर्स अलकेमिस्ट टाउनशिप इंडिया लिमिटेड ने गैर-संदेहास्पद निवेशकों से लगभग 1,848 करोड़ रुपये अवैध रूप से एकत्र किए। बाद में अनधिकृत उद्देश्यों के लिए उस धन का दुरुपयोग किया गया।
ईडी की जांच से पता चला है कि गलत तरीके से जुटाई गई धनराशि को अल्केमिस्ट समूह की समूह संस्थाओं से जुड़े जटिल वित्तीय लेनदेन के माध्यम से व्यवस्थित रूप से स्तरित किया गया था। इसका उद्देश्य धन की अवैध उत्पत्ति को छिपाना था। इन दूषित आय का उपयोग अंततः शेयरों के अधिग्रहण और उसके बाद अल्केमिस्ट अस्पताल और ओजस अस्पताल के निर्माण के लिए किया गया था।
लेन-देन जानबूझकर इन परिसंपत्तियों को वैध दिखाने के लिए संरचित किया गया था, जिससे अपराध की आय (पीओसी) छिप गई। अल्केमिस्ट अस्पताल और ओजस अस्पताल के शेयर क्रमशः 40.93% और 37.23% तक मेसर्स प्लेसिड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के पास हैं, जो कंवर दीप सिंह के स्वामित्व वाली एक कंपनी है। मेसर्स प्लेसिड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के पास अल्केमिस्ट अस्पताल और ओजस अस्पताल की संपत्ति, जिसका मूल्य 127.3 करोड़ रुपये है, वर्तमान अनंतिम कुर्की आदेश में कुर्क की गई है।
इससे पहले इस मामले में ईडी ने कंवर दीप सिंह को 12.01.2021 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद, ईडी ने 02.03.2021 को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), नई दिल्ली के समक्ष एक अभियोजन शिकायत दायर की और 19.07.2024 और 11.09.2025 को दो पूरक अभियोजन शिकायतें दायर कीं। ईडी पहले ही छह अलग-अलग अनंतिम कुर्की आदेशों के माध्यम से 365.42 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क कर चुका है, जिसमें मेसर्स सोरस एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाली अल्केमिस्ट अस्पताल और ओजस अस्पताल की क्रमशः 40.94% और 37.24% संपत्ति कुर्क करना शामिल है।