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Politics: राहुल देश के बाहर जाकर करते हैं सरकार की आलोचन, फिर शशि थरूर क्यों कर रहे विदेश मंत्री की तारीफ?

Sat, 01 Jul 2023 02:33 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी द्वारा विदेश दौरे के दौरान कही जाने वाली बातों पर सत्ता पक्ष हमलावर रहता है। अब इस बयानबाजी में कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर भी शामिल हो गए  हैं। 
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जयशंकर, राहुल गांधी और शशि थरूर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत की विदेश नीति और विदेश में नेताओं के बयान को लेकर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने हैं। कोई किसी को भारत की बुराई न करने की सलाह दे रहा तो कोई  कह रहा है कि देश की विदेश नीति दलगत राजनीति से ऊपर होनी चाहिए। राहुल गांधी द्वारा विदेश दौरे के दौरान कही जाने वाली बातों पर सत्ता पक्ष हमलावर रहता है। अब इस बयानबाजी में कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर भी शामिल हो गए  हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर हर बार इन बयानों पर पलटवार करते दिखते हैं। इस बार भी उन्होंने शशि थरूर को जवाब दिया है।

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सबसे पहले जानिए अभी क्या हुआ है?
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को शांत रहने की टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होंने ट्वीट किया कि मेरे बयानों को गलत समझा गया। मुझे मेरे कुछ दोस्तों ने आम तौर पर होने वाले ट्रोलिंग से जुड़े संदेश भेजे हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि मैंने विदेश मंत्री को उनकी खालिस्तानियों पर दी गई टिप्पणी को लेकर शांत रहने को कहा था, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। लंदन में खालिस्तानियों द्वारा भारतीय ध्वज को उतारे जाने की घटना पर गुस्सा होना ही सबसे सही प्रतिक्रिया थी। विदेश मंत्री से मेरा कोई मतभेद नहीं है। मैं उन्हें एक मित्र और एक कुशल एवं योग्य विदेश मंत्री मानता हूं।  आइए अपनी विदेश नीति को द्विपक्षीय रखें। हम सभी भारतीय हैं और हम सभी के लिए हमारा राष्ट्रीय हित मायने रहता है।
 
किस बयान पर सफाई दे रहे थे शशि थरूर?
घटना बीते मार्च की है। उस वक्त लंदन में खालीस्तान समर्थकों ने विरोध  प्रदर्शन के दौरान भारतीय उच्चायोग के बाहर लगे तिरंगे का अपमान किया था। इसके बाद भारत ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने खालिस्तानियों को कड़ा जवाब देते हुए एक विशाल तिरंगा उच्चायोग पर लहरा दिया।
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इस घटना को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने खालिस्तानी समर्थकों के दुस्साहस को लेकर भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि हमने पिछले कुछ दिनों में लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और सैन फ्रांसिस्को में कुछ घटनाएं देखी हैं। यह ऐसा भारत नहीं है जो अपने राष्ट्रीय ध्वज को किसी के द्वारा नीचे खींचे जाने को स्वीकार करेगा। जब यह हुआ तो हमारे उच्चायुक्त ने उससे भी बड़ा झंडा उस इमारत में लगा दिया। यह केवल वहां के तथाकथित खालिस्तानियों के लिए एक संदेश नहीं था, यह अंग्रेजों के लिए भी एक बयान था कि यह मेरा झंडा है और अगर कोई इसका अनादर करने की कोशिश करेगा, तो मैं इसे (राष्ट्रीय ध्वज) और भी बड़ा कर दूंगा।
 एक अन्य मामले में उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने की पश्चिम की आदत की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम को लगता है कि उसे दूसरे देशों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार है। इसे वह भगवान की ओर से दिया गया आशीर्वाद समझते हैं।

विदेश मंत्री के बयान पर थरूर की सफाई क्यों ?
दरअसल, जब विदेश मंत्री के बयानों पर शशि थरूर से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने विदेश मंत्री को थोड़ा शांत रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा था कि हमें किसी की टिप्पणी पर इतना कमजोर होने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सरकार के रूप में वहां (पश्चिमी देशों) से आने वाली टिप्पणियों को सामान्य तरह से लें। अगर हम हर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया करते हैं, तो हम खुद का नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि मैं विदेश मंत्री जयशंकर से थोड़ा शांत रहने का आग्रह करूंगा। थरूर पश्चिमी देशों की आलोचना वाले बयान पर टिप्पणी कर रहे थे। उनके बयान पर सोशल मीडिया पर खालिस्तान  पर दिए विदेश मंत्री के बयान के साथ जोड़कर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। अब इसी पर उनकी सफाई आई है। 

राहुल विदेश जाकर करते रहे हैं सरकार की आलोचना
एक तरफ कांग्रेस नेता शशि थरूर विदेश मंत्री की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी ही पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी विदेश जाकर अक्सर सरकार को घेरते रहते हैं। सराकर की नीतियों पर सवाल उठाते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने वॉशिंगटन स्थित नेशनल प्रेस क्लब में पत्रकारों से कहा था कि 'भारत में लोकतंत्र के लिए लड़ना हमारा काम है और हम ऐसा कर भी रहे हैं, लेकिन यह याद रखना चाहिए कि भारतीय लोकतंत्र दुनिया के हित में है। भारत एक बड़ा देश है और अगर भारत में लोकतंत्र तबाह हुआ तो इसका असर पूरी दुनिया पर होगा। ऐसे में ये आपको सोचना है कि आप भारतीय लोकतंत्र को कितना महत्व देते हैं लेकिन यह हमारे लिए एक आंतरिक मामला है और इस लड़ाई के लिए हम समर्पित हैं और हम इसे जीतेंगे।'

मैं विदेश में नहीं करता राजनीति-  जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका में तीन जून को राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा था कि अगर मैं विदेश की यात्रा पर हूं तो मैं वहां राजनीतिक नहीं करूंगा। बहस अपने देश में करूंगा। देश के बाहर कदम रखते ही ध्यान रखना चाहिए की राजनीति से और भी बड़ी चीजें होती हैं। 

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