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संसद के मानसून सत्र के लिए बिछ रही सियासी बिसात, इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष

Fri, 21 Aug 2020 06:30 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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संसद - फोटो : ANI
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संसद के मानसून सत्र की तारीखों को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई लेकिन मोदी सरकार और विपक्षी दलों की ओर से सियासी बिसात बिछने लगी है। सत्र से पहले ही फेसबुक को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। इसके अलावा कांग्रेस चीन से चल रहे तनाव खासकर लद्दाख के गलवां में हुए संघर्ष में 20 सैनिकों की शहादत पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है।

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एक अमेरिकी समाचार पत्र में फेसबुक की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाली रिपोर्ट के आने के बाद कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग जारी है। इस बीच, कांग्रेस सांसद और संसद की सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। थरूर ने दुबे पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। इसके जवाब में निशिकांत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और थरूर के खिलाफ जवाबी विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।

थरूर ने फेसबुक को समिति की ओर से नोटिस भेजने की बात कही थी। इस पर निशिकांत ने कहा था कि समिति के अध्यक्ष को सदस्यों के साथ एजेंडे पर चर्चा किए बिना कुछ भी करने का अधिकार नहीं है। इस पर थरूर का कहना था कि ऐसा कहकर दुबे ने समिति और संसद की गरिमा गिराई है।
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राहुल और थरूर के खिलाफ जवाबी नोटिस देते हुए दुबे ने कहा कि यह पहला मामला है जब संसदीय समिति के अध्यक्ष ने अपने साथी सदस्य के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने अपने नोटिस को उचित ठहराते हुए कहा कि थरूर और राहुल ने भाजपा पर गलत आरोप लगाए हैं। भाजपा पर आरोप का मतलब उसके सभी सांसदों पर आरोप लगाना है।

गलवां पर समर्थन जुटाने की कोशिश में कांग्रेस
कांग्रेस की कोशिश भारत-चीन के बीच जारी तनाव और गलवां में हुए खूनी संघर्ष के मामले में विपक्ष को एकजुट करने की है। इस संघर्ष में 20 सैनिक शहीद हुए थे। कांग्रेस की रणनीति सत्र से पहले विपक्षी दलों की बैठक बुलाकर संयुक्त रणनीति तैयार करने की है।

सत्र के लिए तैयारी शुरू
इस बीच मानसून सत्र के लिए तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि सत्र दो हफ्ते का होगा और 10 सितंबर तक शुरू हो सकता है। कोरोना महामारी के चलते सत्र के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कई तरह की तैयारियां की गई है। इसके तहत लोकसभा और राज्यसभा की बैठक न सिर्फ अलग-अलग समय पर होगी। बल्कि बैठक के दौरान दोनों सदनों का उपयोग किया जाएगा।

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