कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की आतंकियों द्वारा हत्या की गई हत्या को लेकर सियासत गर्मा गई है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने शुक्रवार को कहा कि भट्ट की हत्या को हल्के में नहीं लिया जाना चााहिए, जैसा कि मोदी सरकार कर रही है।
स्वामी ने सवाल किया कि हिंदुत्व की बात करने का क्या मतलब है, जब सरकार डरपोक है और बदला नहीं ले सकती? मोदी सिर्फ जम्मू क्यों जा रहे हैं? उन्हें तत्काल श्रीनगर जाना चाहिए।
15 घंटे में कश्मीर में आतंकियों के दो हमले
कश्मीर में आतंकियों ने 15 घंटे के भीतर टारगेट किलिंग की दूसरी घटना को अंजाम दिया है। पुलवामा में शुक्रवार सुबह दहशतगर्दों ने घर में घुसकर पुलिसकर्मी को गोली मार दी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि रियाज अहमद ठोकर अपने घर गुदूरा में मौजूद थे। इस बीच कुछ आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। आतंकवादियों की तलाश में सुरक्षाबलों ने अभियान शुरू कर दिया है। इससे पहले बडगाम में गुरुवार शाम को दफ्तर में घुसकर कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या कर दी थी। राहुल भट्ट नौ सितंबर 2020 को तहसील कार्यालय में क्लर्क के तौर पर नियुक्त हुए थे। वह वर्तमान में शेखपोरा विस्थापित कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे थे। वह मूल रूप से बडगाम जिले के बीरवाह इलाके के संग्रामपोरा के रहने वाले थे।
घटना के बाद सभी विस्थापितों की कॉलोनी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। बडगाम के शेखपोरा के साथ ही अनंतनाग के वेसू तथा उत्तरी कश्मीर में रह रहे कर्मचारियों की कॉलोनी के बाहर सुरक्षा घेरा मजबूत करने के साथ ही गश्त भी बढ़ा दी गई है। संबंधित प्रशासन का कहना है कि विस्थापितों से मिलकर उन्हें आश्वस्त किया गया है कि उनकी सुरक्षा के मुकम्मल प्रबंध किए गए हैं। घबराने की जरूरत नहीं है।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद से 14 हिंदुओं-कश्मीरी पंडितों की हत्या
अनुच्छेद 370 हटने के बाद पांच अगस्त 2019 से अल्पसंख्यक हिंदुओं तथा गैर कश्मीरियों पर हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं। लगभग तीन साल में आतंकियों ने कम से कम 14 गैर मुस्लिमों, गैर कश्मीरियों तथा कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी है। इनमें प्रमुख कारोबारी, सरपंच तथा बीडीसी सदस्य शामिल हैं।