अपनी सांविधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए चुनाव आयोग ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में नगर निकायों में प्रशासक कार्यालयों में नियुक्त राजनेताओं को चुनाव आचार संहिता के दौरान बोर्ड बैठकों और कार्यक्रमों में शामिल होने से रोक दिया है।
आयोग ने कहा कि उसने यह आदेश उन परिस्थितियों से बचने के लिए जारी किया है जिससे मतदाताओं के मन में चुनाव प्रक्रिया के निष्पक्ष और तटस्थ होने को लेकर कोई शंका न उत्पन्न न हो। साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जिसे आयोग के निर्देशानुसार सरकारी अधिकारी की नियुक्ति करनी चाहिए जो चुनाव की अवधि के दौरान बोर्डों या निकायों के कामकाज का संचालन करें।
इस समिति में शहरी विकास व कार्मिक विभागों के प्रधान सचिव बतौर सदस्य शामिल होंगे। आयोग ने प्रदेश सरकार को सोमवार सुबह 10 बजे तक आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट देने को भी कहा है।