सोमवार को चार लोकसभा और कई विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के दौरान ईवीएम में आई खराबी पर सियासी संग्राम छिड़ गया। कैराना की रालोद प्रत्याशी तबस्सुम ने जहां चुनाव आयोग को पत्र लिख कर शिकायत की, वहीं सपा के रामगोपाल यादव, रालोद के मुखिया अजित सिंह कांग्रेस नेताओं के साथ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने जहां ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए तो शिवसेना प्रमुख उद्घव ठाकरे ने कहा कि ईवीएम की चाबी भाजपा के पास है। इस बीच चुनाव आयोग ने ईवीएम में खराबी की खबरों को बढ़ा चढ़ा कर पेश करने का आरोप लगाया।
उपचुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की कई सीटों पर ईवीएम मशीनों में आई खराबी पर विपक्ष ने भाजपा के साथ-साथ चुनाव आयोग को भी आड़े हाथों लिया। तबस्सुम ने आयोग को पत्र लिख कर मशीन खराबी की जांच कराने की मांग की। जबकि रामगोपाल और अजित सिंह ने उपचुनाव पर आयोग की तैयारियों पर सवाल उठाए। इसके उलट प्रफुल्ल पटेल ने दो टूक शब्दों में ईवीएम की जगह मतदान पत्र के जरिए चुनाव कराने की मांग की दी। जबकि शिवसेना प्रमुख उद्घव ने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि छईवीएम मशीन की चाबी भाजपा के हाथ में है।
सियासी संग्राम के बीच आयोग ने मीडिया पर खबरों को बढ़ा चढ़ा कर पेश करने का आरोप लगाया। आयोग ने अपने बयान में कहा कि ईवीएम और वीवीपैट में खर ाबी और मतदान में बाधा पहुंचने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को वास्तविक स्थरति की तुलना में बढ़ा चढ़ा कर पेश किया गया। आयोग के मुताबिक ऐसी स्थिति का सामना करने के लिए 20 से 25 फीसदी अतिरिक्त ईवीएम मशीनें सेक्टर अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में रखी जाती हैं।