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मूर्ति तोड़ प्रकरण: येचुरी ने बताया 'संघ की विरासत', नायडू ने इसे कहा 'पागलपन'

Wed, 07 Mar 2018 01:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मूर्ति तोड़ प्रकरण
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पूर्वोत्तर में चुनावी नतीजों के बाद मूर्ति गिराने की घटनाएं सामने आने लगी। लेनिन, पेरियार के बाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। इन सभी घटनाओं की चौतरफा आलोचना तो हो ही रही है साथ ही राजनीतिक दलों के बीच वार-पलटवार का दौर भी शुरू हो गया है।  

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राजनाथ सिंह: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मूर्ति तोड़ने की घटना को सही नहीं ठहरा सकते हैं। यह घटना दुखद है, इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।  

अमित शाह: बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मूर्ति तोड़ प्रकरण पर दुख जताया है। अपने ट्वीटर अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि हम इस तरह की घटनाओं का समर्थन नहीं करते हैं। अगर मूर्ति गिराने की घटना में किसी बीजेपी सदस्य की जानकारी मिलती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। 
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सीताराम येचुरी: वहीं सीपीआई (एम) के नेता सीताराम येचुरी ने घटना के लिए बीजेपी को कटघरे में खड़ा किया। अपने ट्वीटर अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि गांधी की हत्या से लेकर बाबरी मस्जिद को गिराने तक  राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की की यही विरासत हैं। हम सभी जानते हैं। 

वेंकैया नायडू: इस प्रकरण का असर सदन में भी देखने को मिला। हंगामे पर नायडू ने कहा कि देश में कई जगहों पर मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं, जो लोग ऐसा कर रहे हैं ये उनका पागलपन दर्शाता है। 
  
कमल हसन:  पेरियार स्मारक के लिए किसी सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत नहीं है। हम तमिल के लोग उनकी सुरक्षा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कावेरी मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यह घटना हुई है। 

सोवन देब चटोपाध्याय: पश्मिच बंगाल सरकार में मंत्री सोवन देब चटोपाध्याय ने कहा कि एक मूर्ति तोड़ने का जवाब दूसरी मूर्ति तोड़ना नहीं हो सकता। हमने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। और टूटी हुई मूर्ति की मरम्मत कराएंगे। 
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