11 हजार 400 करोड़ घोटाले के मामले में ED द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था। इसके खिलाफ नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। नीरव मोदी के मामले में ED के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट ने नीरव मोदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, 'हम इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय का भी पक्ष जानना चाहते हैं। ऐसा लग रहा है कि नीरव मोदी के वकील विजय अग्रवाल भी फिलहाल तथ्यों को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं।'
कोर्ट ने कहा कि साफ नहीं हो रहा है कि कितनी राशि की बात हो रही है। कोर्ट के मुताबिक यह भी साफ नहीं हो पाया है कि किस अधिकार के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने तलाशी की। वहीं नीरव मोदी की तरफ से पैरवी कर रहे वकील विजय अग्रवाल ने बताया कि कोर्ट ने ईडी से सभी दस्तावेज पेश करने के आदेश देते हुए इसे अधूरा करार दिया है। उन्होंने बताया कि इसी के आधार पर याचिका लगाई गई है। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 19 मार्च तय की है।
45 दिन में बड़े कर्जदारों के पासपोर्ट के ब्यौरे जुटाएं बैंक
उधर, वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन लेने वाले सभी कर्जदारों के पासपोर्ट के ब्यौरे 45 दिन के अंदर जुटा लें ताकि नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और विजय माल्या की तरह उन्हें देश छोड़कर भागने से पहले ही रोका जा सके। जिन कर्जदारों के पास पासपोर्ट नहीं हैं, उनसे एक प्रमाणपत्र हासिल किया जाए जिसमें यह घोषणा हो कि संबंधित व्यक्ति के पास पासपोर्ट नहीं है। इसके अलावा मंत्रालय ने बैंकों से कहा है कि वे लोन के आवेदन फॉर्म में संशोधन करें ताकि उसमें पासपोर्ट का ब्यौरा दर्ज किया जा सके।
बीएसई ने मांगा स्पष्टीकरण
बांबे स्टॉक एक्सचेंज ने आईसीआईसीआई बैंक एवं एक्सिस बैंक के शीर्ष अधिकारियों को पीएनबी घोटाले में समन जारी किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें समन भेजे जाने की खबर के बाद आईसीआईसीआई के शेयर 2.64 फीसदी की गिरावट के साथ 295.10 रुपये पर और एक्सिस बैंक के शेयर 1.31 फीसदी की गिरावट के साथ 516.80 पर बंद हुए।